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मानसिक रोगी ने फांसी लगाकर दी जान

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जालौन से आए मानसिक रोगी ने लगाई फांसी
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। जालौन से यहां इलाज की खातिर आए मानसिक रोगी परदमन सिंह (50) ने अल्लापुर में क्लीनिक से भागने के बाद शिवकुटी इलाके में फांसी लगा ली। उसका शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला। पुलिस से सूचना पाकर आए परिवार के लोग पोस्टमार्टम के बाद शव को साथ ले गए।
जालौन में तिहारी दावर गांव निवासी 50 वर्षीय परदमन सिंह खेती कर परिवार का गुजारा करता था। परिवार में पत्नी गुड्डी, दो बेटियां और एक पुत्र है। बताया गया कि परदमन सिंह की मानसिक स्थिति कुछ समय से खराब हो गई थी। रिश्तेदारों की सलाह पर करीबी दिनेश राय शनिवार को परदमन को लेकर यहां अल्लापुर में एक मानसिक चिकित्सक के पास आए। वहां चेकअप के दौरान ही परदमन हाथ छुड़ाकर भाग गया था। तब से उसकी तलाश हो रही थी। जब कुच पता नहीं चला तो साथ आए लोग जालौन के लिए रवाना हो गए। इसी बीच सोमवार दोपहर शिवकुटी पुलिस ने परिजनों को फोन से बताया कि परदमन का शव चांदमारी इलाके में बबूल के पेड़ पर गमछे के फंदे से लटका मिला है। खबर पाकर परिवार के लोग आ गए। माना गया है कि मानसिक स्थिति खराब होने की वजह से परदमन ने ऐसा किया।
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सुसाइड नोट क्यों छिपा लिया कैंट पुलिस ने
इलाहाबाद (ब्यूरो)। कैंट इलाके में रविवार को घर के भीतर साड़ी के फंदे से फांसी लगाकर 25 वर्षीय मनीष पासी की आत्महत्या के मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस को मौके पर दो पेज का सुसाइड नोट मिला था जिसे छिपा लिया गया। उन्हें न तो दिखाया गया और न ही पंचनामा में सुसाइड नोट लगाया गया। इस पर पोस्टमार्टम हाउस पर भी सवाल उठा। हालांकि थाना प्रभारी कैंट सीके रावत ने बताया कि सुसाइड नोट थाने में जमा है। परिवार के लोग आते हैं तो वह दिखा सकते हैं। उसमें लिखा है कि उसने कई लोगों को पैसे उधार दिए थे। कोई वापस नहीं कर रहा है इसलिए वह परेशान हो गया।

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