रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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एटीएम में रुपये डालने का काम करने वाली एजेंसी के दो कर्मचारी एटीएम में रकम डालने के बजाए खुद लाखों रुपये ले उड़े। काफी दिनों तक कंपनी मामला दबाए रही। आरोपी कर्मचारियों पर पैसा लौटने का दबाव बनाती रही, लेकिन जब कर्मचारी वापस नहीं लौटे तब कंपनी ने बुधवार को अतरसुईया थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस के मुताबिक 23.77 लाख रुपये दोनों कर्मचारियों पर ले जाने का आरोप लगाया गया है।
सेकुरीट्रांस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड विभिन्न बैंकों के एटीएम में कैश लोड करने का काम करती है। कंपनी शाखा प्रबंधक अशोक कुमार ने पुलिस को बताया कि दिलीप निषाद पुत्र रोशन लाल निवासी अतरसुईया एवं जय सिंह पुत्र बालकृष्ण निवासी चित्रकूट के पास तीन बैंकों के एटीएम में पैसे लोड करने की जिम्मेदारी थी। 26 जुलाई को दोनों ने मीरापुर बाजार स्थित एटीएम में 11 लाख रुपये लोड किए। उसके बाद इस एटीएम में कुल 32.01 लाख रुपये हो गए। रुपये डाले जाने के बाद रात नौ बजे से मशीन ने काम करना बंद कर दिया। मशीन को किसी ने फेवीक्विक डालकर खराब कर दिया।
शिकायत मिलने पर इंजीनियर ने जब मशीन खोली तब उसके भीतर से सीपीयू समेत अन्य अहम उपकरण गायब थे। पासवर्ड दोनों कस्टोडियन के पास होने से उनको बुलाया गया, लेकिन दोनों नहीं पहुंचे। इस पर 15 अगस्त को एटीएम का सेफ काटा गया। मशीन में कुल 23.77 लाख रुपये होना चाहिए था लेकिन किसी कैसेट में कोई नोट नहीं मिला। नोट न मिलने से कंपनी अधिकारियों के होश उड़ गए। कंपनी ने दोनों कस्टोडियन पर शक जाहिर करते हुए उनकी तलाश शुरू कराई लेकिन दिलीप ने ऑफिस ही आना बंद कर दिया, जबकि जय सिंह पूरे मामले के बारे में कुछ भी नहीं बता रहा। शाखा प्रबंधक की तहरीर पर अतरसुईया पुलिस ने बुधवार देर शाम आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।