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महंत के ड्राइवर की हत्या के मामले में चार बदमाश भेजे गए जेल

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महंत के ड्राइवर की हत्या में दो आरोपी भेजे गए जेल
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0 16 सितंबर की रात अल्लापुर में गोली लगने से हुई थी मौत
0 निशानदेही पर तमंचा बरामद, दो बदमाशों की तलाश जारी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। अल्लापुर में 16 सितंबर की रात महंत जगदीशपुरी के ड्राइवर की हत्या में चार बदमाश शामिल थे। बृहस्पतिवार को पुलिस ने इनमें से दो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि सभी कबाब पराठे के दुकानदार को धमकाने पहुंचे थे और इसी दौरान फायरिंग कर दी, जिसमें गोली वहां से गुजर रहे विकास को लग गई। दो बदमाशों की तलाश की जा रही है।
अल्लापुर पुलिस चौकी के पास 16 सितंबर की रात पौने 10 बजे के करीब आनंद अखाड़े के महंत जगदीशपुरी के ड्राइवर विकास सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। सीसीटीवी फुटेज से साफ हो गया था कि बदमाशों का निशाना कोई और था, लेकिन गोली विकास को लग गई। शनिवार को पुलिस ने मामले का खुलासा करने का दावा किया। सीओ आलोक मिश्रा ने बताया कि घटना में शामिल रहे विनोद सोनी उर्फ बाली निवासी अल्लापुर व राहुल सोनकर निवासी दारागंज को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि किदवई नगर निवासी साजन मेहतर व अलोपीबाग निवासी राजेश सोनकर की तलाश की जा रही है। सीओ ने बताया कि साजन शातिर अपराधी है और उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं। विनोद के कहने पर तीनों कबाब पराठा दुकानदार अभिषेक प्रताप सिंह को धमकाने पहुंचे थे। बाली चाहता था कि वह वहां दुकान न लगाए। इसी दौरान राहुल ने तमंचा निकालकर फायर झोंक दिया। जिसकी गोली विकास को लग गई। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया गया है। अन्य दोनों की तलाश की जा रही है।
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...काश न छोड़ा होता बदमाश को
पुलिस की मानें तो महंत के ड्राइवर की हत्या के मामले में केवल साजन ही एकमात्र ऐसा आरोपी है, जिस पर पहले से मुकदमे दर्ज है। माना जा रहा है कि साजन का साथ पाने के बाद उसके साथियों का दुस्साहस इतना बढ़ा कि वह खुलेआम तमंचा लेकर दुकानदार को धमकाने पहुुंच गए। हालांकि, सूत्रों की मानें तो पुलिस ने खेल न किया होता, तो शायद यह वारदात ही न होती। दरअसल, साजन को एक महीने पहले ही पकड़ लिया गया था। रात में गश्त के दौरान एक सिपाही उसे सफेद रंग की अपाचे बाइक के साथ पकड़कर अल्लापुर चौकी लाया था। हालांकि, उस सिपाही के जाने के बाद बदमाश को रात में ही चौकी से छोड़ दिया गया। सूत्रों की मानें तो इसमें चौकी के एक कारखास सिपाही की भूमिका संदिग्ध रही। खास बात यह कि उसे पकड़कर लाने वाले सिपाही का एक दिन बाद ही चौकी से हटाकर थाने पर भेज दिया गया।
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