स्कूल प्रधानाचार्य की लापरवाही ने ले ली बच्चे की जान
काफी कमजोर थी दीवार, निर्माण में धांधली का आरोप
सलोरी में स्कूल की दीवार टूटने से बच्चे की मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। कर्नलगंज थाना क्षेत्र के सलोरी में दीवार टूटने के बाद पानी में बह जाने से बच्चे की मौत के मामले में स्कूल प्रधानाचार्य की लापरवाही की भी बात सामने आई है। बृहस्पतिवार को जाम लगाने के दौरान मोहल्ले के लोगों ने उन पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि कमीशनखोरी के चलते ही दीवार इतनी कमजोर बनी कि पानी का दबाव भी नहीं झेल सकी।
मोहल्ले के लोगों का आरोप था कि स्कूल की जो बाउंड्रीवाल बुधवार को हुई बारिश के दौरान ढही, वह बेहद कमजोर थी। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर आयुष चौधरी को ईंटें दिखाते हुए मोहल्लेवालों ने बताया कि दीवार में घटिया क्वालिटी की ईंटें प्रयुक्त हुईं। साथ ही सीमेंट की मात्रा भी काफी कम थी। 60 फीट लंबी बाउंड्रीवाल बिना पिलर या सपोर्ट के ही खड़ी कर दी गई। मोहल्लेवालों का आरोप है कि कमीशनखोरी के चलते दीवार निर्माण कार्य में जमकर लापरवाही बरती गई। दीवार में बयाले भी नहीं बनवाए गए जिससे कि पानी पास हो सके। नतीजतन मूसलाधार बारिश में करीब आठ फीट ऊंचाई तक पानी जमा हो गया। इस पानी का दबाव कमजोर मसाले से बनी दीवार सह नहीं सकी और एक झटके में ढह गई। जिसमें बहने से मासूम अनिकेत की मौत हो गई। साथ ही शिखर का कुछ पता नहीं चला।
एसडीएम भी बोले, काफी कमजोर थी दीवार
मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर आयुष चौधरी ने बताया कि मोहल्लेवालों की शिकायत पर मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की गई। उस दीवार को भी देखा गया जो पानी के दबाव के चलते ढह गई थी। प्रथमदृष्टया यही लग रहा है कि स्कूल की दीवार काफी कमजोर थी जो पानी का दबाव पड़ते ही ढह गई। इसके बाद तेज बहाव के चलते बच्चे बह गए। मोहल्ले के लोगों ने स्कूल बाउंड्री के निर्माण में धांधली का आरोप लगाया है। इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही लापरवाही की बात सामने आने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
दहशत में दिखा चोटिल वैभव
उधर घटना के दौरान बचाए गए दो बच्चों में से एक श्रेष्ठ उर्फ वैभव बृहस्पतिवार को भी दहशत में दिखा। उसके सिर और दोनों पैरों में चोट आई है। पिता बृजेश कुमार वर्मा 10 साल पहले से लापता हैं। बेटे की हालत पर मां सीमा वर्मा बिलखती रहीं। वैभव नारायणी आश्रम में कक्षा चार का छात्र है। मौके पर पहुंचे लेखपाल ने परिजनों को मदद का भरोसा दिलाया।