अतीक-अशरफ समेत सात के खिलाफ एफआईआर
उमेश पाल ने धूमनगंज में जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा कराया
प्रयागराज। धूमनगंज थाने में अतीक, अशरफ और तालिब उर्फ एसपी सिटी समेत सात के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि एक नंबर मिला है, उसकी कॉल डीटेल्स निकलवाई जा रही है।
जयंतीपुर धूमनगंज के रहने वाले उमेश पाल 2005 में हुए राजू पाल हत्याकांड में मुख्य गवाह हैं। उमेश का आरोप है कि 10 दिसंबर को वह अपने एक परिचित से मिलने लाल बिहारा गए गए थे। वहीं पर अतीक का गुर्गा तालिब उर्फ एसपी सिटी अपने दो साथियों के साथ खड़ा था। उसने गालीगलौज करते हुए कहा कि राजू पाल हत्याकांड और अपहरण के मामले में पैरवी बंद कर दो, नहीं मार दिया जाएगा। उमेश ने उससे कहा कि वह चाहे जो कर ले, पैरवी नहीं बंद होगी तो तालिब एसपी सिटी ने अपने मोबाइल से फरहान को फोन कर दिया। मोबाइल पर ही पहले फरहान फिर अकबर ने उमेश को जान से मारने की धमकी दी। कहा जेल से छूटकर आएंगे तो उसकी खैर नहीं। दोनों ने अशरफ का भी नाम लिया कि सेटिंग कर उसे मार दिया जाएगा। इसके बाद तालिब उमेश को धमकी देता हुआ वहां से चला गया। उमेश ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जिस नंबर से तालिब ने बात कराई थी, उसे भी पुलिस को दिया गया। 11 दिसंबर को उमेश की तहरीर पर अतीक अहमद, अशरफ, तालिब एसपी सिटी, फरहान, अकबर और तालिब के दो अज्ञात साथियों के खिलाफ धारा 147, 504 और 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा के मुताबिक जो नंबर उमेश ने दिया है, उसकी कॉल डीटेल्स मंगाई जा रही है। इस मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी।
उमेश अब तक दर्ज करा चुके तीन मुकदमे
प्रयागराज। राजू पाल हत्याकांड में मुख्य गवाह उमेश पाल ने अतीक और उनके गिरोह के खिलाफ अब तक तीन मुकदमे दर्ज कराए हैं। पहली एफआईआर 2007 में दर्ज हुई थी। अतीक के खिलाफ उमेश के अपहरण और धमकाने का मामला दर्ज हुआ था। दूसरी एफआईआर 2016 में कर्नलगंज थाने में दर्ज हुई थी। यहां पर अतीक समेत 49 लोगों को नामजद किया गया और दर्जनों अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई थी।