आधी रात सिपाही की राइफल छीनकर भागा युवक
0 तीन घंटे बाद किया जा सका गिरफ्तार, राइफल बरामद
0 बेली अस्पताल में घटना, बंदी की सुरक्षा में लगा था सिपाही
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। बेली अस्पताल में बुधवार देर रात बंदी की सुरक्षा में तैनात सिपाही की सरकारी राइफल छीन ली गई। घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आननफानन में पूरे जिले की सीमाएं सील कर दी गईं। तीन घंटे बाद आरोपी युवक को अस्पताल परिसर के पिछले हिस्से से दबोच लिया गया। राइफल बरामद कर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।
बाइक चोरी के मामले में जेल में निरुद्ध प्रवीण प्रजापति कटरा का रहने वाला है। करीब दो महीने पहले गिरफ्तारी के बाद रिमांड के लिए ले जाते वक्त वह कचहरी परिसर की तीसरी मंजिल से नीचे कूद गया था। उसे गंभीर चोट आई थी। इन दिनों उसका इलाज बेली अस्पताल में चल रहा है। न्यू वार्ड बेड नंबर 18 पर भर्ती प्रवीण की सुरक्षा में जार्जटाउन थाने के कांस्टेबल देवी प्रसाद सिंह व पवन सिंह को लगाया गया था। देवीप्रसाद ने बताया कि रात दो बजे के करीब काले रंग की टीशर्ट पहने हुआ युवक उसके पास आकर खड़ा हो गया। वह कुछ समझ पाते, इससे पहले ही युवक उसकी इंसास राइफल लेकर भागने लगा। सिपाही शोर मचाते हुए उसके पीछे दौड़ा, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी उसकी आंखों से ओझल हो गया। घटना की सूचना सिपाही ने स्थानीय थाने व अफसरों को दी तो विभाग में हड़कंप मच गया। आननफानन में सूचना प्रसारित कर पूरे जिले की सीमाएं सील कर दी गईं। इसके अलावा चौराहों पर चेकिंग भी शुरू कर दी गई। जानकारी पर एसएसपी भी मौके पर पहुंच गए। चारों तरफ फोर्स लगाकर रात में ही आरोपी की तलाश शुरू की गई। खोजबीन चल रही थी कि करीब तीन घंटे बाद एसएसपी मयफोर्स अस्पताल के पीछे की ओर गए तो एक युवक बाउंड्री फांदकर भागता हुआ दिखा। एसएसपी ने खुद खदेड़कर उसे पकड़ा तो पता चला कि वह राइफल छीनकर भागने वाला युवक ही है। उसके पास से राइफल भी बरामद हुई, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी युवक ने अपना नाम उमेश यादव पुत्र रामभवन यादव बताया। कहा कि वह मूल रूप से कौशाम्बी का रहने वाला है और अक्सर एडी कार्यालय में तैनात अपने भाई से मिलने बेली अस्पताल परिसर आया करता था। हालांकि, पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी उसने यह नहीं बताया कि उसने सिपाही से राइफल क्यों छीनी। कैंट इंस्पेक्टर रमेश सिंह रावत ने बताया कि सिपाही की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसे बृहस्पतिवार सुबह जेल भेज दिया।
एसएसपी के साहस की होती रही चर्चा
कप्तान ने जिस तरह से साहस दिखाते हुए राइफल छीनकर भागे युवक को पकड़ा, उसकी दिन भर महकमे में चर्चा रही। दरअसल, राइफल लोडेड थी यानी उसमें गोलियां भरीं थीं। जानकारों की मानें तो इंसास राइफल से एक बार में 20 राउंड फायर किया जा सकता है। यही वजह थी कि पुलिसकर्मी आरोपी को पकड़ने के लिए आगे बढ़ने से हिचक रहे थे। ऐसे वक्त पर कप्तान ने साहस दिखाते हुए मातहतों के सामने मिसाल पेश की।