फांसी के फंदे पर झूला युवा आडीटर
चंद माह पहले मिली थी नौकरी, डिप्रेशन का शिकार था युवक
इलाहाबाद। सीडीए पेंशन में नौकरी पाने के बावजूद एक युवक डिप्रेशन से उबर नहीं सका। गुरुवार को उसने घर पर फांसी के फंदे में झूलकर जान दे दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। वहीं, उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मूलता फतेहपुर निवासी आलोक सोनी 26 वर्ष पुत्र अशोक सोनी थाना धूमनगंज के राधानगर कॉलोनी में किराए का घर लेकर अपनी बहन शिवानी 19 एवं भाई शिवम 11 वर्ष के साथ रहता था। आलोक को तीन माह पहले सीडीए पेंशन में आडीटर की नौकरी मिली थी जबकि उसकी बहन शिवानी इविवि में बीए की छात्रा है। शिवानी ने पुलिस को बताया गुरुवार रात खाने-पीने के बाद आलोक उन लोगों के साथ एक कमरे में सोया। भोर चार बजे उसकी नींद टूटी तब तक आलोक बिस्तर पर था लेकिन उसके बाद किसी समय वह चुपके से बाहर निकल गया और कमरे के बाहर निर्माणाधीन हिस्से के लिए निकली सरिया पर नायलन की रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। सुबह रस्सी से आलोक को लटका देख शिवानी की चीख निकल गई। तब तक आसपास के लोग भी जुट गए। सूचना मिलने पर चौकी इंचार्ज सियाराम चौरसिया ने पहुंचकर शव को कब्जे मेें ले लिया। आलोक की मौत के बाद शिवानी और शिवम का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना मिलने पर दोपहर तक उसके पिता अशोक सोनी समेत दूसरे रिश्तेदार भी यहां पहुंच गए। परिजनों के मुताबिक नौकरी लगने के बाद उसके विवाह की तैयारी की जा रही थी। उसका रिश्ता इलाहाबाद में ही तय किया जा चुका था लेकिन वह शादी के लिए तैयार नहीं हो रहा था। परिवार के लोगों ने इस वजह से उसके डिप्रेसन में होने की बात पुलिस को बताई है। देर-शाम पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।