000000000000000000000000
मेले से अगवा बच्चा सकुशल बरामद, दो अपहर्ता गिरफ्तार
15 लाख की फिरौती मांगी थी, सर्विलांस की मदद किया गया पीछा
क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम ने पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सोरांव में मंगलवार को एक स्थानीय मेले से अगवा बच्चे को बुधवार दिन में मुक्त करा लिया गया। पुलिस ने दो अपहर्ताओं को गिरफ्तार करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। अपहर्ताओं ने बच्चे के पिता से 15 लाख की फिरौती मांगी थी। क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीमों ने सर्विलांस की मदद से दोनों बदमाशों को सिकंदरा मोड़ के पास से खोज निकाला।
सोरांव के नाका का तालाब पड़रैया गांव का रहने वाला लालचंद्र सरोज विक्रम चालक है। परिवार में पत्नी शांति देवी के अलावा तीन बच्चे हैं। सुधांशु (6) दूसरे नंबर है। मंगलवार को नाका का तालाब पर स्थानीय मेला लगा था। दोपहर बाद सुधांशु अपने हमउम्र यासीन के साथ घरवालों को बिना बताए मेला देखने चला गया था। दोनों मेले में घूम रहे थे, तभी दो लोग साइकिल से आए और सुधांशु को जबरन साइकिल पर बैठा लिया। यासीन को कागज का पुर्जा देते हुए दोनों ने उसे सुधांशु के पिता को देने को कहा। इसके बाद वे सुधांशु को बिठाकर वहां से चले गए। यासीन घबरा गया था। वह कुछ देर बाद सुधांशु के घर पहुंचा और कागज का टुकड़ दिया तो घर में हड़कंप मच गया। उसमें लिखा था ‘तुम्हारे बेटे का अपहरण कर लिया गया है। पुलिस को बताया तो उसकी लाश जंगल के किनारे मिलेगी।’ कागज पर अपहर्ताओं ने एक नंबर भी लिखा था। पिता लाल चंद्र ने जब मोबाइल मिलाना शुरू किया तो काफी देर तक फोन नहीं उठा। इसके बाद अपहर्ताओं ने खुद ही फोन किया और 15 लाख की फिरौती मांगी। इसके बाद लाल चंद्र ने सोरांव थाने को सूचना दी। सीओ सोरांव जीतेंद्र गिरी ने बताया कि इसके तुरंत बाद टीम एक्टिव हो गई। क्राइम ब्रांच की मदद ली गई। मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया। सुबह तक उनकी लोकेशन पता लग गई थी लेकिन वह वहां से निकल गए थे। इसके बाद लाल चंद्र से अपहर्तांओं की लगातार बात कराई गई। अंत में अपहर्ताओं ने अपनी लोकेशन सिकंदरा मोड़ के पास बताई। लाल चंद्र से कहा कि पैसे लेकर वहीं आ जाए। लाल चंद्र अपने रिश्तेदारों के साथ वहां पहुंच गया। पुलिस की टीमें पहले से ही लगी हुई थीं। अपहर्ताओं को दबोच कर सुधांशु को सकुशल बरामद कर लिया गया। पकड़ा गया अपहर्ता रमेश गौतम गजऊ का पूरा सोरांव और रज्जन सरोज नवाबगंज का रहने वाला है। सुधांशु को पहले रज्जन के घर रखा गया था फिर उसे लेकर दोनों इधर उधर घूमने लगे। दोनों मेले से किसी भी बच्चे को उठाने के लिए पहुंचे थे, संयोग से सुधांशु सामने पड़ गया तो उसका ही अपहरण कर लिया।
पिता को देख आए आंखों में आंसू
इलाहाबाद। करीब 16-17 घंटे से घर वालों से दूर सुधांशु ने जब पिता और मामा को देखा तो उनसे लिपट गया। पहले तो वह खूब रोया। काफी देर तक पुचकार कर उसे शांत किया गया। पुलिस वालों और बदमाशों को देखकर छह साल के सुधांशु को गहरा धक्का लगा था। उसे समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या हुआ था। वह बार बार अपनी मां को याद कर रहा था।
एडीजी ने दिया 20 हजार का इनाम, एसएसपी से लिपट गया सुधांशु
पुलिस सुधांशु को सकुशल बरामद करने के बाद उसे लेकर सीधे एसएसपी नितिन तिवारी के पास पहुंची। एसएसपी उस वक्त एडीजी एसएन साबत और आईजी मोहित अग्रवाल के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। बच्चे की सकुशल वापसी पर अधिकारी बेहद खुश हो गए। एडीजी ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये इनाम की घोषणा की। एसएसपी नितिन तिवारी ने पत्रकारों को घटना के बारे में ब्रीफ किया। इसी दौरान उन्होंने सुधांशु को गोद में उठा लिया। सुधांशु उनसे लिपट गया। वह उन्हें छोड़ने का नाम नहीं ले रहा था।