अल्लापुर पुलिस चौकी के पास मारे गए विकास सिंह की हत्या के बाद सोमवार को मर्चरी से घर तक कोहराम मचा रहा। पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाया गया तो बूढ़े मां-बाप बेटे के शव से लिपटकर रोने लगे। रोते हुए वे बार-बार यही कह रहे थे ‘मेरे बेकसूर बेटे को मार डाला’। उधर भाई-बहनों व अन्य परिजनों की चीत्कार से भी मोहल्ला गूंजता रहा।
पोस्टमार्टम के बाद सोमवार शाम सवा चार बजे के करीब विकास का शव नारायण विहार कॉलोनी स्थित घर लाया गया। भाई विपिन, पिता फौजदार सिंह व अन्य परिजनों के साथ शव लेकर आए थे। शव देखते ही परिवार की महिलाओं में चीखपुकार मच गई। विकास की मां, बहन रिशू व भाभी फूट-फूटकर रोने लगीं। उनकी हालत देख अब तक खुद को संभाले रखे पिता व भाई विपिन भी खुद को रोक नहीं सके और वह भी बिलखने लगे। बूढ़े माता-पिता बेटे के शव से लिपटकर बिलखने लगे।
वह बार-बार यही कहते रहे कि ‘मेरे निर्दोष बेटे को मार डाला।’ उधर कानपुर से पहुंची बहन रिशू व भाभी का भी रो-रोकर बुरा हाल था। प्रतापगढ़ के मानधाता स्थित हैसी जयचंद गांव से पहुंचे रिश्तेदारों की भी आंखें नम थीं। परिजनों की चीत्कार सुनकर मौके पर मौजूद लोगों का भी कलेजा बैठा जा रहा था। उधर, मोहल्ले के लोगों की भी आंखें नम हो गईं। कानपुर से पहुंचे मृतक के जीजा अखिलेश सिंह ने बताया कि दो भाई व दो बहनों में विकास सबसे छोटा था, इसलिए घर में सबसे ज्यादा उसे माना भी जाता था। बताया कि विकास की बड़ी बहन रुचि की शादी सूरत में हुई है जो सूचना पर वहां से चल दी है। उन्होंने बताया कि इंटर पास विकास ने कभी किसी से तेज आवाज में बात तक नहीं की। ऐसे में झगड़ा तो दूर की बात है। शव लाए जाने के दौरान अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि भी संवेदना जताने मृतक के घर पहुंचे। बता दें कि मृतका का बड़ा भाई विपिन लंबे समय तक उनके ड्राइवर के तौर पर काम कर चुका है।
मौत खींच लाई गुजरात से
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद यह भी कहा जा रहा है कि यह मौत ही थी जो विकास को गुजरात से खींच लाई। दरअसल, वह ढाई साल से आनंद अखाड़े के महाराज जगदीशपुरी की गाड़ी चलाता था और अक्सर उनके साथ ही रहता था। महाराज का आश्रम अल्लापुर के अलावा गुजरात के गांधीधाम में भी है, जहां से उन्हें लेकर दो दिन पहले ही वह लौटा था। रविवार को वह दोस्तों संग घूमकर लौट रहा था तभी वारदात का शिकार हो गया। नियति का खेल देखिए कि जिस ओर से गोली चली, उस ओर की सीट पर बैठा गोलू साफ बच गया। जबकि दूसरी ओर बैठे विकास की गोली लगने से मौत हो गई।
फिलहाल अज्ञात में हुई एफआईआर
इससे पहले सुबह मामले में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पिता फौजदार ने तहरीर देकर बताया है कि 9.30 बजे के करीब उन्हें सूचना मिली कि उनके छोटे बेटे विकास को गोली लग गई है। रात 11 बजे के करीब वह प्रतापगढ़ से एसआरएन अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उसकी मौत हो गई है। इंस्पेक्टर संतोष शर्मा ने बताया कि फिलहाल अज्ञात में हत्या का मामला दर्ज किया गया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।