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16 साल के लड़के ने किया था अपहरण

Thu, 29 Oct 2015 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। शहर के चक निरातुल मुहल्ले से सोमवार दोपहर फिरौती के लिए अगवा चौथी कक्षा का छात्र आदित्य सिंह बुधवार शाम खुद घर आ गया। उसे राजरूपपुर के एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया था जहां से वह किसी तरह दीवार फांदकर भागा। उसके पैर में चोट भी पहुंची।
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खबर पाकर सक्रिय पुलिस टीम ने उस मकान में छापा मारकर 16 साल के एक लड़के को हिरासत में ले लिया। वही उस छात्र को पुराने परिचय की वजह से बुलाकर अपने किराए के कमरे में ले गया था। देर रात तक खुल्दाबाद थाने में आरोपी लड़के से पूछताछ की जा रही थी।

चक निरातुल में रहने वाले मान सिंह का इकलौता बेटा आदित्य सिंह (10) सिविल लाइंस स्थित ज्वाला देवी इंटर कॉलेज में कक्षा चार का छात्र है। वह सोमवार दोपहर करीब तीन बजे घर के पास खेलने गया था तभी लापता हो गया। खुल्दाबाद पुलिस और परिजन खोजबीन में जुटे थे इसी बीच मंगलवार सुबह से आदित्य के अपहरण और तीस लाख रुपये फिरौती के लिए अलग-अलग नंबर से फोन आने लगे।
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फोन नंबर की लोकेशन चक निरातुल इलाके के पास ही मिल रही थी इसलिए पुलिस और क्राइम ब्रांच ने आसपास के क्षेत्र और गढ़वा के जंगल को खंगाल डाला। इसी बीच बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अपहर्ताओं ने आदित्य से फोन कराकर पिता से बात करा दी। पुलिस खोजबीन में जुटी थी इसी बीच देर शाम करीब साढ़े छह बजे आदित्य खुद घर पहुंच गया। उसके पैर में चोट थी। खबर मिलते ही खुल्दाबाद पुलिस वहां पहुंची। अफसर भी आ गए। आदित्य की निशानदेही पर पुलिस ने राजरूपपुर में उस मकान में छापा मारा जहां आदित्य को दो रात रखा गया था।

वहां से 16 साल के एक लड़के रमेश (नाम काल्पनिक) को पुलिस ने पकड़ लिया। वह मकान एक क्रिश्चियन स्कूल के प्रिंसिपल का है जो अकेले रहते हैं। कौशाम्बी जनपद में सराय अकिल के कनेली क्षेत्र का रमेश उस मकान मे अपने राजगीर पिता के साथ रहकर पढ़ाई के लिए शहर आया था। उसका पिता कुछ देर से गांव गया है। मकान मालिक भी नहीं थे। ऐसे में वह घर में अकेले था। पुलिस ने बताया कि आदित्य और रमेश का परिचय चक निरातुल में वीडियो गेम की एक दुकान में हुआ था। गरीबी से परेशान रमेश ने अपने शौक पूरे करने की खातिर फिरौती उगाहने के लिए आदित्य को अपना शिकार चुन लिया।

आदित्य ने बताया कि सोमवार दोपहर वह घर से खेलने निकला तभी उसे रमेश मिला। वह उसे घूमने के बहाने राजरूपपुर में अपने घर के दूसरे मंजिल के कमरे में ले गया। उसके लिए अपने कमरे में जमीन पर एक गद्दा डाल दिया और कहा कि अब एक-दो दिन दोनों साथ रहेंगे।

आदित्य के मुताबिक, रमेश ने उसे पनीर की सब्जी और रोटी बनाकर खिलाई। आदित्य के अनुसार, रमेश बुधवार शामे कमरे का दरवाजा बंद कर बाहर गया था तभी वह दीवार फांदकर भागा। पुलिस ने रमेश को पकड़ा और उससे पूछताछ की तो पता चला कि टीवी पर आने वाले कई क्राइम सीरियल देखकर उसे पैसों की खातिर बच्चे के अपहरण की यह खुराफात सूझी। वह तीस लाख रुपये फिरौती पाता तो पिता के कर्ज चुकाता और अपने लिए महंगे जूते, मोबाइल फोन और कपड़े खरीदता।

उसने बताया कि ये सिम उसने अपने परिचित मोबाइल दुकानदार से मांग लिए थे। उसे बिना आईडी के ही ये सिम मिल गए थे। एसपी सिटी राजेश यादव ने बताया कि बिना आईडी लिए सिम बेचने वाले दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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