शॉपिंग कॉम्पलेक्स स्थित बुटीक में लगी आग, मची भगदड़
0 सिविल लाइंस में हुई घटना, ढाई लाख का सामान राख
0 दूसरे तल पर मौजूद लोगों ने किसी तरह भागकर बचाई जान
0 दूसरे तल पर रहता है परिवार, महिलाओं के साथ बच्चे भी थे मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
सिविल लाइंस में बैंक ऑफ बड़ौदा के पास एक दोमंजिला शॉपिंग कॉम्पलेक्स स्थित बुटिक में शनिवार को आग लग गई। धुआं उठता देख लोगों ने बुटीक मालकिन को सूचना दी तो वह भागकर पहुंचीं। हालांकि तब तक भीतर आग फैल चुकी थी। साथ ही कॉम्पलेक्स में धुआं भर जाने के कारण वहां भगदड़ मच गई। लोग चीखते-चिल्लाते बाहर भागे। सूचना पर सीएफओ खुद फायरब्रिगेड की तीन गाड़ियां लेकर पहुंचे। फायरकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए जल्द ही आग पर काबू पा लिया।
सिविल लाइंस में बैंक ऑफ बड़ौदा के पास अनंतराज प्लाजा के नाम से शॉपिंग कॉम्पलेक्स है। यहां भूतल और पहले तल पर करीब एक दर्जन दुकानें हैं। ऊपर के तल पर मालिक आलोक गुप्ता परिवार समेत रहते हैं। पहले तल पर सात दुकानें हैं। इनमें से पांचवीं दुकान में अशोक नगर निवासी परवीन सिद्दीकी बुटीक चलाती हैं। परवीन ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे वह बुटीक बंद कर खाना खाने चली गईं। करीब चार बजे बगल के दुकानदारों ने बुटीक से धुआं उठते देखा तो फोन से सूचना दी। वह भाग कर गईं और बुटीक का ताला खोला तो देखा कि भीतर चारों तरफ आग थी। तब तक कोरिडोर व दूसरे तल पर चारों तरफ धुआं भी भर गया था। इससे वहां मौजूद दुकानदारों और ग्राहकों में हड़कंप मच गया। सूचना पर एक के बाद एक फायरब्रिगेड की तीन गाड़ियां पहुंचीं। जानकारी पर सीएफओ रविंद्रशंकर मिश्र भी पहुंचे। फायरकर्मियों ने जल्द ही आग पर काबू पा लिया। सीएफओ ने बताया कि कॉम्पलेक्स में कॉरिडोर के सामने के हिस्से को शीशे से कवर किया गया था। इसलिए जल्द ही धुआं भर गया। फिर भी फायरकर्मियों की सूझबूझ से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उधर, दुकान मालिक परवीन ने बताया कि आग में करीब ढाई लाख का नुकसान हुआ है। इनसे से एक लाख 70 हजार कीमत के सूट थे, जबकि 50 हजार रुपये के ऑर्डर के कपड़े थे। साथ ही इनवर्टर व अन्य सामान भी आग की भेंट चढ़ गए।
नहीं थे आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम, भवन मालिक को नोटिस
सीएफओ ने बताया कि शॉपिंग कॉम्पलेक्स में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। भूतल पर केवल एक फायर इंस्टिग्विशर मिला। जबकि इस तरह के भवनों में स्मोक डिटेक्टर व पानी के टैंक का होना जरूरी है। सीएफओ के मुताबिक इस लापरवाही पर भवन स्वामी को नोटिस दिया गया है। बताया कि अग्नि दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौतें दम घुटने की वजह से होती हैं। इसलिए इस तरह के भवनों में स्मोक डिटेक्टर लगाने की हिदायत दी जाती है।
महिलाओं के साथ बच्चे भी फंसे थे, किसी तरह बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जिस वक्त यह घटना हुई, उस वक्त शॉपिंग कॉम्पलेक्स में महिलाओं के साथ बच्चे भी मौजूद थे। परवीन के बुटीक के बगल में ही स्पा था, जिसमें महिला कर्मचारी मौजूद थीं। कॉरिडोर में धुआं भरते ही वह अनहोनी की आशंका से चीखने लगीं। उधर दूसरे तल पर कॉम्पलेक्स मालिक के बच्चे और परिवार की महिलाओं के साथ कुछ मेहमान भी मौजूद थे। धुआं भरने पर सभी चीखते हुए नीचे की ओर भागे, तब जाकर उनकी जान बच सकी।