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आरपीएफ ने मां से मिलाया उसका बिछड़ा बच्चा

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आरपीएफ ने पूर्णमासी से मिलाया उसका सूरज
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- जंक्शन पर मां से बिछड़ गया था उसका बच्चा
- मौलवी की पिटाई से भागे दो अन्य बच्चे भी मिले जंक्शन पर
इलाहाबाद। इलाहाबाद जंक्शन पर आरपीएफ ने एक मां से उसका बिछड़ा हुआ बच्चा मिलवाया। दरअसल सोमवार को एक महिला रोते हुए आरपीएफ थाने पहुंची। उसने अपना नाम पूर्णमासी निवासी मिर्जापुर बताया। कहा कि वह मिर्जापुर से किसी से इलाहाबाद आई थी। प्लेटफार्म दो-तीन पर उतरने के बाद भीड़ में बच्चे का हाथ उससे छूट गया। महिला ने अपने बच्चे का नाम सूरज बताया।
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महिला को रोता देख आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक पीके राणा के निर्देश पर अतुल तिवारी, राकेश चंद्र तिवरी, राम अवधेश यादव ने सूरज की खोजबीन शुरू कर दी। थोड़ी देर में प्लेटफार्म नंबर चार पर आरपीएफ को सूरज रोता हुआ मिला। उसे थाने लाया गया तो वह अपनी मां से लिपटकर रोने लगा। सुपुर्दगी नामा तैयार करने के बाद पूर्णमासी को उसका सूरज सौंप दिया गया। इसके अलावा जंक्शन पर चेकिंग अभियान के दौरान दो अन्य बच्चे संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए आरपीएफ को मिले। आरपीएफ ने जब दोनों बच्चे से पूछा तो उन्होंने अपना नाम मो. अबरार (12) और मो. कासिम (13) निवासी क्रमश: पूर्णिया एवं किशनगंज बिहार बताया। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके घरवालों ने हैदराबाद के एक मदरसे में उन्हें पढ़ने के लिए भेजा था। वहां मौलवी उनकी काफी पिटाई करते थे। मौका देखकर वहां से भाग निकले और ट्रेन में बैठकर इलाहाबाद आ गए। लिखापढ़ी के बाद दोनो बच्चे चाइल्ड लाइन का सौंप दिए गए।
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