फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अवैध हथियारों की तस्करी में सिक्योरिटी गार्ड बंदी

विज्ञापन
विज्ञापन
अवैध असलहों की तस्करी में सिक्योरिटी गार्ड बंदी
विज्ञापन

0 एसटीएफ ने दबोचा, पांच पिस्टल बरामद, एमपी से लाया था हथियार
0 झूंसी के प्रतिष्ठित शोध संस्थान में है तैनात, छात्र नेता भी है ग्राहक
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। एसटीएफ ने अवैध असलहों की तस्करी में एक सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से पांच देशी पिस्टल और मैग्जीन बरामद की है। वह बिहार से हथियार लाकर यहां अपराधियों के अलावा बिगड़ैल छात्रों को बेचता था। अब तक वह तीन सौ से ज्यादा अवैध पिस्टल शहर में बेच चुका था।
एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट के इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह ने मुखबिर की सूचना पर मंगलवार सुबह कर्नलगंज पुलिस के साथ इंडियन प्रेस चौराहे पर घेरकर असलहा तस्कर को दबोचा। उसके पास एक बैग था जिसे जब्त कर तलाशी ली गई तो प्वाइंट 32 बोर के पांच पिस्टल के साथ आठ मैगजीन मिली। उसके पास मोबाइल फोन, निर्वाचन कार्ड और 12 सौ रुपये भी मिले। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम भीम शंकर पाठक और मेजा में कोना भटौती गांव बताया। एसटीएफ के डीएसपी प्रवीण सिंह चौहान के मुताबिक, पूछताछ में भीम शंकर ने बताया कि वह झूंसी के हरिश्चंद्र शोध संस्थान में लगभग 15 साल से सिक्योरिटी गार्ड है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वह एक तस्कर से संपर्क में आने के बाद करीब चार साल से मध्य प्रदेश के खंडवा जनपद से पिस्टल की तस्करी करने लगा। वह खंडवा में भोला और जगत से 12 हजार रुपये में पिस्टल खरीदने के बाद यहां 25 हजार रुपये में बेचता रहा है। अब तक वह करीब 150 अवैध पिस्टल इलाहाबाद में बेच चुका है। भीम शंकर ने यह भी कुबूला कि उससे कई छात्र नेताओं ने भी पिस्टल खरीदी। विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेज के तमाम छात्रों ने उससे पिस्टल ली है। मंगलवार को भी वह एक छात्र नेता को ही पिस्टल देने जा रहा था तभी एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। ऐसे में समझा जा सकता है कि हॉस्टलों में होने वाली फायरिंग के पीछे अवैध हथियारों की लगातार आ रही खेप है। पिछले दिनों बसपा नेता राजेश यादव को भी ताराचंद्र हॉस्टल के सामने ऐसे ही किसी अवैध हथियार से गोली मारकर हत्या की गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें