डेढ़ महीने भटकी रेप पीड़िता, तब दर्ज हुआ मुकदमा
आईजी के आदेश पर की गई कार्रवाई, जांच शुरू
सिविल लाइंस स्थित स्कूल परिसर में हुई थी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। रेप पीड़िता एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर काटती रही लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। डेढ़ महीने भटकने के बाद उसने आईजी समेत अन्य अफसरों को शिकायती पत्र भेजा। इसके बाद आईजी के निर्देश पर शुक्रवार को दो आरोपियों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। सीओ ने बताया कि जांच की जा रही है।
सिविल लाइंस स्थित नामी स्कूल में घटना नौ सितंबर को हुई थी। पीड़िता के ससुर स्कूल में ही नौकरी करते थे और वह परिवार समेत परिसर में बने क्वार्टर में रहती है। उसका आरोप है कि नौ सितंबर को करीब 10 बजे उसके पति व ससुर काम से बाहर गए थे। इसी दौरान अजीत मैसी व गार्ड आनंद सिंह उसके घर में घुस आए और जबरदस्ती की। विरोध करने पर उसके साथ ही उसके बच्चों को भी मारापीटा। साथ ही धमकी देते हुए चले गए कि शिकायत करने पर घर का सामान फेंकवा दिया जाएगा। अगले ही दिन थाने पहुंचकर शिकायत की गई लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। उल्टा मामले में सुलह का दबाव बनाती रही। इसके बाद पीड़िता ने शिकायती पत्र आईजी समेत तमाम उच्चाधिकारियों को भेजा। आईजी के आदेश पर सीओ सिविल लाइंस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया और उनकी संस्तुति पर शुक्रवार को दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया। प्रभारी सिविल लाइंस थाना दीनानाथ यादव ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।