खिड़की से देखने के विवाद से शुरू हुआ था मामला
झगड़े के तुरंत बाद रिटायर दरोगा पर बोला गया हमला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। शिलाखाना तेलियरगंज में रिटायर दरोगा अब्दुल समद और उसके ही रिश्तेदार हिस्ट्रीशीटर जुनैद का एक मकान को लेकर लंबे अर्से से झगड़ा चल रहा था लेकिन, सोमवार को हुआ विवाद खिड़की से देखने को लेकर शुरू हुआ था। अब्दुल इसकी शिकायत करने जुनैद के घर पहुंचे तो कहासुनी इतनी बढ़ गई कि उन्हें वहां से भागना पड़ा। मगर कातिलों ने उन्हें नहीं छोड़ा। घर के पास ही उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया।
जुनैद के घर की खिड़की से दरोगा अब्दुल समद का पूरा घर दिखता था। जब दोनों परिवारों में विवाद ज्यादा बढ़ा तो खिड़की बंद रहने लगी। सोमवार को जुनैद के परिवार की एक लड़की खिड़की पर खड़ी होकर अब्दुल समद के मकान की ओर देख रही थी। अब्दुल समद ने देखा तो पहले अपने घर से ही उसे टोका और फिर जुनैद के घर पर शिकायत करने पहुंच गए। यहीं पर दोनों परिवारों में एक बार फिर बहस होने लगी। मकान का पुराना विवाद फिर उभरने लगा। जुनैद के परिवार की महिलाएं भी झगड़े में कूद पड़ीं। जब उनकी संख्या ज्यादा बढ़ गई तो अब्दुल समद वहां से लौट आए। तब तक पीछे से पहले यूसुफ फिर उसका भाई शेबू पहुंचकर डंडों से अब्दुल समद को पीटने लगे। उनका रिश्तेदार इब्ने भी पहुंच गया। तीनों ने पीट पीटकर अब्दुल समद को मार डाला। सीसीटीवी में उनकी हैवानियत दर्ज हो गई।
सालों पुराना है मकान का विवाद
इलाहाबाद। रिटायर्ड दरोगा अब्दुल समद मूल रूप से प्रतापगढ़ के रहने वाले थे। शुरूआती पोस्टिंग में इलाहाबाद पहुंचे। यहां पर रिश्तेदार जुनैद के घर के पास वह रहने लगे। इसी घर को लेकर अब्दुल समद और जुनैद के बीच विवाद हो गया था। जुनैद का कहना था कि घर उसका है। अब्दुल समद घर की वसीयत अपने नाम दिखाते थे। मामला कोर्ट में भी पहुंच गया था लेकिन विवाद नहीं सुलझा।