फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दक्षता भाषण में चला बम, लाठीचार्ज, भगदड़

विज्ञापन
विज्ञापन
दक्षता भाषण में चला बम, लाठीचार्ज, भगदड़
विज्ञापन

0 सीएमपी डिग्री कॉलेज में हुआ हंगामा, छात्रों के बैग की ली गई तलाशी
0 प्रत्याशियों के जुलूस से सीएमपी की आसपास की सड़कों पर लगा जाम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सीएमपी डिग्री कॉलेज में बुधवार को दक्षता भाषण के दौरान बम चल गया। इससे छात्रों में भगदड़ मच गई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। हालांकि पांच मिनट बाद ही स्थिति नियंत्रण में आ गई और दक्षता भाषण फिर से शुरू करा दिया गया। वहीं, दक्षता भाषण में शामिल होने से पहले प्रत्याशी ने सीएमपी के आसपास के इलाकों में जुलूस निकाला और जमकर पम्फलेट उड़ाए। जुलूस के कारण सड़कों पर जाम लगा रहा।
दक्षता भाषण की शुरुआत के 20 मिनट बाद ही अध्यक्ष पद की महिला प्रत्याशी नूतन सिंह बोल रहीं थीं। इस पर सामने मैदान पर खड़े छात्रों के एक गुट ने नारेबाजी शुरू कर दी। नूतन ने कहा कि उन्हें बोलने से रोकने की कोशिश न करें। वह चुप नहीं रहेंगी। इतना कहते ही प्रत्याशी के पास दीवार से एक बम टकराया और तेज आवाज में फट गया। धमाके के साथ ही वहां अफरातफरी मच गई। पुलिस ने दक्षता भाषण स्थल के सामने खड़े छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। कई छात्र एक-दूसरे पर गिरकर चोटिल भी हो गए।
विज्ञापन

हालांकि लाठीचार्ज चलते ही पांच मिनट के भीतर मैदान खाली हो गया लेकिन इसके बाद सात प्रत्याशियों का भाषण बाकी थी। संचालन कर नहीं डॉ. मीना राय ने छात्रों से लौटने की अपील की और कहा कि शांतिपूर्वक भाषण सुनें। इसके बाद बोलने आए प्रत्याशी धीरज कुमार सोनकर ने कहा कि छात्रों के लौटने के बाद ही भाषण शुरू करेंगे। पांच मिनट बाद छात्र लौटे और भाषण शुरू हुआ। इस दौरान पुलिस ने सामने मैदान पर खड़े छात्रों के बैग की तलाशी भी ली और संदेह के आधार पर कुछ छात्रों से पूछताछ की गई।
00
एक-दूसरे पर ही निशाना साधते रह गए प्रत्याशी
- सीएमपी डिग्री कॉलेज में अध्यक्ष पद के लिए मैदान में 12 प्रत्याशी हैं। इनमें से दो-तीन प्रत्याशियों को छोड़ बाकी सभी दक्षता भाषण के दौरान एक-दूसरे पर निशाना साधते रहे। ज्यादातर प्रत्याशियों ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बात कम की हुई। धर्म, जाति और क्षेत्रवाद को लेकर भी प्रत्याशियों ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा।
00
कॉलेज में आज शिक्षण कार्य स्थगित
- सीएमपी डिग्री कॉलेज में चार अक्तूबर को चुनाव की तैयारियां होंगी। ऐसे में बृहस्पतिवार को शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा। चुनाव अधिकारी डॉ. अर्चना पांडेय के अनुसार चार अक्तूबर को सुबह 11 बजे सभी शिखकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की बैठक कमरा नंबर नौ में बुलाई गई है। इसके अलावा बीएएलएलबी के छात्र अपना परिचय पत्र चार अक्तूबर को सुबह नौ बजे से विधि विभाग के कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।



अध्यक्ष पद के प्रत्याशी
------------------

वादा नहीं, काम करके दिखाऊंगा
‘तमाम प्रत्याशी आपके बीच वादों की झड़ी लगाएंगे लेकिन मैं ऐसा नहीं करुंगा, बल्कि करके दिखाऊंगा। मैं किसान को बेटा हूं और आपकी तरह आम छात्र हूं। अध्यक्ष बना तो दूसरों की लखनऊ, दिल्ली की राजनीति नहीं करुंगा, बल्कि छात्राओं के बीच रहकर उनकी समस्या के लिए लगातार संघर्ष करुंगा।’ अनुराग द्विवेदी
00
सबसे पहले ठीक होगी लाइब्रेरी
‘प्राचार्य और प्रॉक्टर एसी कमरों में बैठते हैं लेकिन आम छात्र दो पल सुकून से बैठने के लिए कॉलेज परिसर में जगह खोजता रहता है। लाइब्रेरी ध्वस्त हो चुकी है और छत जर्जर है। अध्यक्ष बना तो सबसे पहले इन समस्याओं का दूर करुंगा। मेरा मकसद छात्रों की हर समस्या को लेकर उनके खड़ा होना है’ मनोज कुमार यादव
00
एक ही उद्देश्य, दूर हों छात्रों की समस्याएं
‘आप नेता नहीं महाविद्यालय का भविष्य चुनने जा रहे हैं, इसलिए सोच समझकर फैसला करें। मेरे पास बड़ी गाड़ी नहीं है। मैं बाइक से आता था तो लोग मेरा मजाक उड़ाते थे। मुझे इससे कोई लेनादेना नहीं। मेरा उद्देश्य है कि छात्रों के बीच रहकर उनकी समस्या सुनूं और उनका समय रहते निराकरण कराऊं।’ अरुण कुमार चौधरी
00
छात्र संघर्ष के लिए हमेशा तैयार हूं
‘केवल इसलिए चुनाव लड़ने उतरा हूं, ताकि छात्रों के लिए कुछ कर सकूं। मैं छात्रों के लिए जीना और मरना चाहता हूं। छात्र संघर्ष के लिए मैं हमेशा तैयार हूं। लाइब्रेरी, शौचालय, कक्षाओं के नियमित संचालन को लेकर काफी काम करना है। मुझे मौका मिला तो इन मुद्दों पर सकारात्मक परिणाम जल्द सामने आएगा।’ मयंक मिश्र
00
छात्रों का सहयोग मिला तो मजबूत होगी लड़ाई
‘जब मैं इस कॉलेज में आई थी तो यहां आकर मन आहत हुआ था। मैं आपके लिए लड़ती रही लेकिन अकेले लड़ पाने में मैं सक्षम नहीं थी और लड़ाई के सकारात्मक नतीजे कम लिकले। इसलिए अब अध्ययन बनने आईं हूं और इसके लिए मुझे छात्र-छात्राओं का सहयोग चाहिए ताकि लड़ाई मजबूती से लड़ी जा सके।’ नूतन सिंह
00
अध्यक्ष बना तो छात्रों को 15 दिन में मिलेगा हॉस्टल
‘मैं दलित हूं। लोग कहते हैं कि मैं अध्यक्ष नहीं बन सकता। ऐसे लोगों को मैं नहीं, बल्कि साथी छात्र करारा जवाब देंगे। अध्यक्ष बना तो 15 दिनों के भीतर छात्रों को हॉस्टल आवंटित करा दूंगा। छात्राओं के लिए गर्ल्स हॉस्टल बनवाने का पूरा प्रयास होगा। परिसर में जलजमाव की समस्या के मुद्दे पर भी बड़ा आंदोलन होगा।’ धीरज कुमार सेानकर
00
अध्यक्ष बना तो खुल जाएगा छात्रसंघ का ताला
‘किसी जमाने में सीएमपी के छात्र आईएएस, पीएससी बनते थे लेकिन आज बमबाज बन रहे हैं। विधि संकाय की हालत बदतर है। अध्यक्ष बना तो इन सभी मुद्दों पर सुधार ही मेरी प्राथमिकता होगी। विद्यार्थियों के लिएस हॉस्टल और प्रयोगशाला में उपकरणों की व्यवस्था होगी। छात्रसंघ भवन का ताला खुलवाया जाएगा।’ आशुतोष त्रिपाठी
00
कॉलेज से बाहर खदेंगे जाएंगे अराजकतत्व
‘मैं आम छात्र हूं। चुनाव हार-जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता। पहले भी छात्र हित के लिए लड़ता रहा हूं और आगे भी यह लड़ाई जा रहेगी। सीएमपी में अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव जाता हूं तो सबसे पहले कॉलेज से अराजकतत्वों को उखाड़ फेंकने का काम करंगा।’ मोहम्मद सिकंदर हयात
00
वोट मांगकर भागने वाले प्रत्याशियों को पहचानें
‘मैं किसी उद्योगपति का बेटा नहीं, बल्कि एक आम छात्र हूं। चुनाव में ऐसे प्रत्याशियों से सतर्क रहने की जरूरत है जो केवल वोट मांगने के लिए सामने आते हैं और चुनाव के बाद फिर से गायब हो जाते हैं। ऐसे में छात्रों से अपील है कि वे सोच-समझकर छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव करें।’ मोहम्मद हाशिम
00
कॉलेज की हर समस्या का निराकरण मेरा लक्ष्य
‘अध्यक्ष बना तो सीएमपी के छात्रों को भविष्य संवारने का ऐसा अवसर दिलाने का प्रयास करुंगा, जो पहले कभी नहीं मिला। कॉलेज अनेक समस्याओं से जूझ रहा है और इन समस्याओं का निराकरण ही मेरी प्राथमिकता है। कुछ लोग कॉलेज को दो टुकड़ों में बांटना चाहते हैं। ऐसे लोगों से बचने की जरूरत है।’ विकास कुमार बिंद
00
छात्रों को मिलेगी गुणवत्ता वाली कैंटीन
‘कुछ ऐसे छात्र भी चुनाव लड़ रहे हैं जिनसे अचानक पूछ लिया जाए कि किस कक्षा के छात्र हैं तो जवाब देने में हड़बड़ा जाएंगे। ऐसे छात्रनेता कॉलेज और छात्रों की समस्याओं को क्या समझेंगे। अगर जीत भी गए तो छात्रों के लिए कुछ नहीं करेंगे। मैं अध्यक्ष बना तो लाइब्रेरी में सुविधा बढ़ेगी, गुणवत्ता वाली कैंटीन खुलेगी।’ शाश्वत कुमार यादव
विज्ञापन

00
छात्रहित के लिए अकेले लड़ा और जीत भी मिली
‘जब हम छात्रहितों के लिए अनशन पर बैठे थे, उस वक्त वोट मांगने वाला कोई प्रत्याशी समर्थन के लिए नहीं पहुंचा। अकेले लड़ाई लड़ी और छात्रों से जुड़े कई मुद्दों पर जीत भी मिली। शैचालय के टूटे-फूटे दरवाजे बन गए, कक्षाओं में माइक लग गए। अध्यक्ष बनने मौका मिला तो आगे भी बहुत कुछ करना है। धर्मवाद, जातिवाद का नारा लगाने वालों से सावधान रहें।’ शैलेंद्र सिंह
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें