प्रयागराज। 22 लाख के गबन के मामले में दो साल से फरार चल रहे ‘बंटी-बबली’ गिरफ्तार कर लिए गए। दोनों पर 25-25 हजार का इनाम था और मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही दोनों गुजरात भाग गए थे। मुट्ठीगंज पुलिस ने उन्हें पुराने यमुना पुल के पास से गिरफ्तार किया।
लूकरगंज निवासी ऋषि केसरवानी ने जनवरी 2016 में एफआईआर दर्ज कराई कि चेक चुराकर फर्जी तरीके से उनके खाते से 22 लाख रुपये प्रदीप शुक्ला व अंकिता शुक्ला (पता अज्ञात) के खाते में ट्रांसफर करा लिया गया। मामले में साजिश रचने के आरोप में सिंडिकेट बैंक ईसीसी शाखा के अज्ञात कर्मचारियों पर भी रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला कि वादी के खाते से रुपये उदयराज कुशवाहा व उसकी पत्नी रीता निवासी घूरपुर, हाल पता कौंधियारा के खाते में गए। विवेचना के दौरान 10 अन्य लोगों के नाम प्रकाश में आए, जिनमें छह बैंक कर्मचारी भी शामिल थे।
इनमें से तीन बैंक कर्मचारियों समेत सात लोगों को जेल भेजा जा चुका है जबकि तीन बैंककर्मियों ने अरेस्ट स्टे ले रखा है। पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद से ही उदयराज व रीता गुजरात भाग निकले थे। इनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की गई। साथ ही एसएसपी ने इनकी गिरफ्तारी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया। पुलिस इनकी सुरागरशी में जुटी थी। सोमवार को इन्हें पुराने यमुना पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों में तीन मैनेजर भी शामिल
पुलिस ने जिन छह बैंक कर्मचारियों को आरोपी बनाया है उनमें तीन मैनेजर हैं। इनमें सिंडिकेट बैंक, ईसीसी शाखा के सीनियर मैनेजर निर्मल कुमार, यूको बैंक सिविल लाइंस के मैनेजर अखौरी विकास व असिस्टेंट मैनेजर तृप्ति गुप्ता शामिल थीं।