आय से अधिक संपत्ति बनाने वालों पर शिकंजा
भूमि, भवन, लग्जरी कार और म्यूच्युअल फंड के नाम पर करोड़ों रुपये की अघोषित संपत्ति का पता चला
126 लोगों को आयकर विभाग ने नोटिस जारी किया, उद्यमी-कारोबारी- बिल्डर और अफसर भी शामिल
अनूप ओझा
इलाहाबाद। आय से अधिक संपत्ति बनाने वाले कारोबारी, उद्यमी और अफसर आयकर विभाग के निशाने पर हैं। इनकी करोड़ों रुपये की अघोषित संपत्तियों के बारे में पता चलने के बाद आयकर मककमा चौकन्ना हो गया है। इलाहाबाद में म्यूच्युअल फंड, लक्जरी कारों और भूमि, भवन, प्लाटिंग के नाम पर करोड़ों रुपये का निवेश करने वाले ऐसे 126 से अधिक लोगों को चिह्नित किया गया है। इसमें उद्यमी, कारोबारी, बिल्डर और कुछ अफसर भी शामिल हैं। अब इनकी आय के स्रोतों की जांच शुरू कर दी गई है। अघोषित संपत्ति खड़ी करने वाले ऐसे लोगों को बृहस्पतिवार को नोटिस जारी कर दिया गया।
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आयकर महकमे की ओर से शहर में बड़ी कार्रवाई के संकेत मिले हैं। अलग-अलग माध्यमों से शिकायतें मिलने के बाद सैकड़ों की तादाद में ऐसे लोगों के बारे में पता चला है। आयकर की ऑल इंडिया रिपोर्ट (एआईआर) की रिपोर्ट के आधार पर फिलहाल इस मामले में 126 लोग सूचीबद्ध किए गए हैं। आयकर विभाग के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक आय से अधिक संपत्ति बनाने वाले ऐसे लोगों के बारे में अलग-अलग माध्यमों से जानकारी जुटाई गई। इसके लिए बैंकों के अलावा रजिस्ट्री कार्यालय और आटोमोबाइल्स शो रूम संचालकों के जरिए जानकारियां हासिल की गईं। सब रजिस्ट्रार कार्यालय से मिली रिपोर्ट में पता चला कि कुछ कारोबारियों, अफसरों कर्मचारियों ने करोड़ों रुपये की भूमि, प्लाट खरीदे हैं। रिजस्ट्री तो कराई गई है , लेकिन आयकर विवरण में इसका जिक्र नहीं किया गया है। इसी तरह लग्जरी कार खरीदने वालों के बारे में आटोमोबाइल्स शो रूम के माध्य से जानकारी मिली है। इसी तरह म्यूच्युअल फंड के नाम पर करोड़ों रुपये का निवेश करने वालों को बारे में बैंकों के स्टेटमेंट के माध्यम से पता चला है। इन चिह्नित लोगों ने अपनी बैलेंसशीट में कार, भवन, भूमि जैसी चल-अचल संपत्तियां खड़ी करने का उल्लेख नहीं किया है।