‘दरोगा’ की तलाश में क्राइम ब्रांच लखनऊ में

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Allahabad Bureau

‘दरोगा’ की तलाश में क्राइम ब्रांच लखनऊ में 000 बसपा नेता हत्याकांड 000शक के दायरे में आए जग्गा की खोजबीन जारी, कई जगह छापेमारी अमर उजाला ब्यूरोइलाहाबाद। बसपा नेता राजेश यादव हत्याकांड में शक के दायरे में आए अभिनव सिंह उर्फ दरोगा की तलाश में क्राइम ब्रांच की एक टीम बुधवार को लखनऊ पहुंची है। दरोगा को पहचानने वाले एक पूर्व छात्रनेता को भी पुलिस टीम साथ में लिए है। इसके अलावा प्रतापगढ़ के शातिर जग्गा की भी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। हत्या में संदिग्ध आवेश, आकाश और सचिन को लगातार खोजा जा रहा है। पुलिस का मानना है कि किसी एक के मिलते ही हत्याकांड का खुलासा हो जाएगा। घटना की सीसीटीवी फुटेज और कुछ बयानों के बाद पुलिस ने महामंत्री पद के प्रत्याशी अर्पित सिंह के साथी अभिनव सिंह उर्फ दरोगा, आवेश, आकाश, जग्गा और सचिन को सस्पेक्ट माना है। सुमित उर्फ अच्युतानंद शुक्ला पर संदेह जताया गया था कि लेकिन लेकिन वह खुद ही पुलिस के पास आ गया। क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीमें सभी सस्पेक्ट की तलाश में दबिश दे रही हैं। अभिनव सिंह दरोगा और जग्गा का क्राइम रिकार्ड रहा है। दोनों ही प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। जग्गा तो प्रतापगढ़ में हुए एक सनसनीखेज मर्डर में भी फंस चुका है। अभिनव सिंह उर्फ दरोगा की लोकेशन बुधवार की सुबह लखनऊ में मिली तो क्राइम ब्रांच की टीम एक पूर्व छात्र नेता को लेकर लखनऊ पहुंच गई है। वहां दिन में कई जगह दबिश दी गई। उधर जग्गा की खोजबीन में कई छात्रावासों में दबिश दी गई। एक टीम को प्रतापगढ़ भी भेजा गया है। बाकी लड़कों के पैत्रिक घरों पर पुलिस टीमों को खोजबीन में भेजा गया है। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पूरी उम्मीद है कि शक के दायरे में आए किसी भी लड़के के मिलते ही हत्याकांड से पर्दा उठ जाएगा कि आखिर घटना के समय हुआ क्या था। कौन से बात ऐसी हो गई कि गोली चलाने की नौबत आ गई। क्राइम ब्रांच के अलावा कर्नलगंज तथा कई अन्य थानों की फोर्स को भी लगाया गया है। ---------------- महामंत्री पद की रार खत्म करने गए थे राजेश और मुकुलइसी पद के प्रत्याशी को लेकर हो गई थी माइकल और अच्युतानंद में दुश्मनी इलाहाबाद। राजेश यादव हत्याकांड की जांच में कई बातें सामने आ रही हैं। महामंत्री पद के प्रत्याशी अर्पित सिंह को प्रतापगढ़ जेल में बंद अभिषेक सिंह माइकल चुनाव लड़वा रहा है। इस बार माइकल के सामने उसके पूर्व साथी अच्युतानंद शुक्ला ने दूसरे प्रत्याशी को उतार दिया था। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई और बात दुश्मनी तक पहुंच गई। राजेश और मुकुल इसी रार को खत्म करने के लिए रात में ताराचंद हास्टल गए थे। वहीं पर विवाद हो गया। हॉस्टल सूत्रों के मुताबिक डा. मुकुल सिंह और राजेश यादव के साथ अच्युतानंद और माइकल दोनों के ही संबंध रहे हैं। अच्युतानंद ने घटना से एक दिन पहले अर्पित का समर्थन कर रहे सिद्धार्थ सिंह गोलू को सार्वजनिक रूप से जमकर पीटा था। इसके बाद माइकल से दुश्मनी और भड़क गई थी। बताते हैं कि मुकुल और राजेश इसी दुश्मनी को शांत करने के लिए घटना वाली रात ताराचंद हास्टल पहुंचे थे। वे अर्पित सिंह को चुनाव न लड़ने के लिए समझाने गए थे। राजेश ड्राइविंग सीट पर बैठे हुए थे। यहीं पर कुछ लड़कों से बातचीत के दौरान विवाद पनपा और तू-तड़ाक गाली गलौज में बदल गई। इसी दौरान राजेश को गोली लगी।पूर्व छात्रनेता विकास के सपोर्ट की भी खुन्नस थी राजेश को बसपा नेता राजेश यादव के साथ ईसीसी के पूर्व छात्रनेता विकास का उठना बैठना था। दोनों एक समय अच्छे दोस्त हुआ था करते थे। बाद में किसी बात पर राजेश और विकास में खुन्नस हो गई। दोनों का झगड़ा थाने तक पहुंच गया था। विकास इस बार विश्वविद्यालय चुनाव में अर्पित सिंह के समर्थन में उतर गया था। राजेश को इस बात को लेकर भी खुन्नस थी कि अर्पित उसके दुश्मन विकास का क्यों सपोर्ट ले रहा है।
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