36 घंटे बाद भी पुलिस नहीं पा सकी आरोपियों का सुराग
सोरांव में चार लोगों की हत्या के आरोपी पकड़ से दूर
पुलिस ने अमर के रिश्तेदारों के घर दी दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सोरांव के बिगहिया में चार लोगों की हत्या के आरोपी तीन दिन बीतने के बाद भी नहीं पकड़े जा सके हैं। रविवार को भी पुलिस दिन भर मशक्कत में जुटी रही लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने दर्जनों लोगों से पूछताछ की लेकिन सारी कवायद बेकार साबित हुई।
सोरांव में छह सितंबर को हत्यारों ने खूनी खेल खेला था। यहां पीडब्ल्यूडी कर्मचारी बिगहिया निवासी कमलेश देवी(55) उनकी बेटी रिंकी उर्फ किरन(32), दामाद प्रतापनारायण मिश्रा(35) और नाती विराट(8) की रात में सोते समय हत्या कर दी गई थी। धारदार हथियार से हमला कर सभी को मौत के घाट उतारा गया था। मामले में मृतका के दूसरे नंबर के दामाद अमर, उसके पिता व जेठ ओमप्रकाश व उसके बेटे मनोज व पड़ोसी लल्ले पांडेय को नामजद किया गया था। पुलिस तीन दिन बीत जाने के बाद भी अमर व ओमप्रकाश का पता नहीं हासिल कर सकी है। घटना के बाद से ही पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच भी जगह-जगह धूल फांक रही है लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिल रहा है। रविवार को पुलिस सबसे पहले बिगहिया के आसपास रहने वाले अमर के रिश्तेदारों के घर पहुंची। वहां पूछताछ की गई लेकिन अमर के बारे में कोई जानकारी रिश्तेदार नहीं दे सके। उधर क्राइम ब्रांच ने गांव पहुंचकर संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई। सूत्रों की मानें तो कुछ लोगों को क्राइम ब्रांच ने हिरासत में भी लिया। उनसे शाम तक पूछताछ की गई लेकिन कोई जानकारी न मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया। सोरांव इंस्पेक्टर सुरेंद्र नाथ का कहना है कि आरोपियों के हर संभावित ठिकाने पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस की तीन टीमों के साथ क्राइम ब्रांच भी उनकी तलाश में लगी है।
मजदूरों से भी की गई पूछताछ
पुलिस ने रविवार को उन पांच मजदूरों से भी पूछताछ की जो पिछले दिनों मृतकों के घर का अगला हिस्सा तोड़ने के काम में लगे थे। दरअसल सड़क चौड़ीकरण के लिए रोड किनारे स्थित मकानों का अगला हिस्सा हटाने का प्रशासन ने निर्देश दिया था। जिसके बाद लोगों ने खुद ही अपने मकानों में तोड़फोड़ कराई थी। कमलेश के मकान का भी अगला हिस्सा तोड़ा गया था। इस काम में पांच मजदूर लगे थे। इनमें से एक पहले चोरी के आरोप में जेल भी जा चुका है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक आशंका यह भी है कि हो सकता है कि लूटपाट के ही नीयत से बदमाश घर में पहुंचे हों। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने गांव के ही रहने वाले इन पांचों मजदूरों से पूछताछ की। हालांकि इनसे कुछ खास जानकारी हासिल नहीं हो सकी।
किसलिए निकाली थी रकम
एक और बात सामने आई है कि घटना से कुछ दिन पहले कमलेश के इस्माइलगंज स्थित बैंक के खाते से बड़ी रकम निकाली गई थी। हालांकि यह कितनी थी और किसलिए निकाली गई थी, इस बारे में पता नहीं चल पाया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि उन्हें भी इस तरह की बातें सुनाई दी हैं। हालांकि इसकी पुष्टि तभी होगी जब बैंक स्टेटमेंट की जांच होगी। इसके लिए सोमवार को कमलेश के खाते का बैंक स्टेटमेंट चेक किया जाएगा।
छोटी बेटी काजल से आज होगी पूछताछ
इस पूरे मामले में अब तक काजल से कोई बात नहीं हो सकी थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो सोमवार को काजल को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उससे व उसके पति से पुलिस पूछताछ करेगी। उधर रविवार को सोरांव इंस्पेक्टर ने मेजा पहुंचकर वादी राधाकृष्ण से पूछताछ की।