सोमवार को हुई जूम मीटिंग में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के साथ नए वैरिएंट से बचाव पर हुई चर्चा के दौरान डॉ.सहजानंद ने कहा, ओमिक्रान के नए सब वैरिएंट बीएफ.7 का कोई खास असर होने की संभावना नहीं है। देश में अलग-अलग वैरिएंट के कारण लोगों में हाईब्रिड इम्युनिटी बन गई है। ऐसे में नया वैरिएंट अधिक खतरनाक नहीं होगा। अगर कोई संक्रमित होता है, तो कफ और फीवर होगा।
आईएमए के फाइनेंस सचिव डॉ.अनिल गोयल बोले, नए वैरिएंट से बचाव के लिए जरूरी है कि हम अलर्ट मोड पर रहें। हैंड हाईजीन का ध्यान रखें और जिन लोगों ने बूस्टर डोज नहीं लगवाई है, उसे लगवा लें। जहां तक चीन की बात है, तो वहां पर सरकार की ओर से कई गलत कदम उठाए गए। वहां पर लॉकडाउन के बाद सभी चीजों को एक साथ खोल दिया गया।
वहीं दूसरी ओर अपने देश में चरणबद्ध तरीके से चीजें खोली गईं। इससे लोगों में हाईब्रिड इम्युनिटी बन गई। इसके अलावा टीकाकरण बेहद प्रभावशाली तरीके से हुआ। किंगजार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रो.डॉ. सूर्यकांत बताते हैं, देश में चार टीके कोरोना से बचाव के लिए आए,जो कारगर साबित हुए हैं। अगर किसी को कोरोना होता है, तो वह भाप ले।
इसके अलावा अब भी जिन लोगों ने टीकाकरण नहीं कराया है, वह करा लें। जिन्हें इंजेक्शन से डर लगता है, उनके लिए इंट्रा नेजल वैक्सीन भी आ गई है। इसे माह में दो बार लेना रहेगा। भारत सरकार के साथ हुई बैठक में जो संकेत मिले हैं। उसके हिसाब से इसका दाम 100 रुपये के करीब होगा। ऐसे में भारत में लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।