इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए प्रयागराज के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तलब कर लिया है। कोर्ट ने उन्हें 15 मई 2024 को न्यायालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सीएमओ को एक कर्मचारी के बकाये राशि का एक महीने में भुगतान करते हुए हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था, जिसका पालन नहीं किया गया। यह आदेश आशा देवी की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की कोर्ट ने दिया।
मामले में आशा देवी ने याचिका दायर करते हुए सेवानिवृत्ति के बकाये का भुगतान करने की मांग की थी। 8 मई 2023 को कोर्ट के समक्ष प्रतिवादी अधिवक्ता ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। जीपीएफ और जीआईएस राशि शेष है, जो बहुत जल्द जारी कर दी जाएगी। इसके लिए एक माह का समय मांगा था। 10 अप्रैल 2024 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आदेश दिया था कि एक महीने के भीतर आवेदक के खाते में बकाया राशि जमा की जाए। साथ ही इस संबंध में एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था।
13 मई 2024 को कोर्ट ने पाया कि संबंधित अधिकारी आदेश के पालन के लिए अतिरिक्त चार सप्ताह का समय मांगा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अधिकारी को पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है। लेकिन वह आदेश का पालन करने में विफल रहे। इस पर कोर्ट ने सीएमओ को तलब करते हुए 15 मई को कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।