जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी व अन्य विपक्षियों को परिवादिनी सितारा देवी को 23 लाख रुपये आठ प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही आयोग ने 10 हजार रुपये क्षतिपूर्ति व 10 हजार रुपये वाद व्यय भी देने का आदेश दिया है। यह फैसला आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम व सदस्य प्रकाश चंद्र त्रिपाठी ने सुनाया है।
प्रयागराज के राजरूपपुर के कालिंदीपुरम निवासी सितारा बेगम पत्नी सगीर अहमद ने उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था। उनका कहना था कि उनका मायका वाराणसी में था। ऐसे में वह पोस्ट ऑफिस वाराणसी कैंट में टीडीआर योजना में 23 लाख रुपये एजेंट विकास पांडेय के माध्यम से निवेश किया था। 2019 में उन्हें समाचार पत्र के माध्यम से पता चला कि एजेंट व पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों की मिलीभगत से करोड़ों का घोटाला हुआ है। इस पर उन्होंने वाराणसी पहुंच कर जानकारी की तो पता चला कि उनके हस्ताक्षर के बगैर रुपये निकाल लिए गए थे। परिवादिनी ने पोस्टऑफिस के सभी आधिकारियों को पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
परिवादिनी ने प्रयागराज निवासी होने के चलते उपभोक्ता अधिनियम के तहत जिला आयोग प्रयागराज में वाद दाखिल किया। आयोग ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि उच्चतम न्यायालय का प्रतिपादित सिद्धांत है कि यदि किसी संस्था के कर्मचारी की ओर से उपभोक्ता की सेवा में कमी, नियम विरुद्ध निकासी अथवा गबन किया जाता है तो उसके भुगतान की जिम्मेदारी कर्मचारी के मालिक संस्था की होती है। इसलिए विपक्षी परिवादिनी की धनराशि टीडीआर पर मिले ब्याज सहित भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं।