थाने के सामने बहन के साथ धरने पर बैठा सिपाही।
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कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात एक सिपाही ने बुधवार को जमकर हंगामा किया। मुंहबोली बहन के खिलाफ दर्ज मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगवाने और क्रास केस दर्ज कराने की मांग को लेकर सिपाही और उसकी बहन थाने के सामने सड़क पर बैठ गए। इससे हलचल मच गई। पुलिस ने दोनों का काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह उठने को तैयार नहीं थे। पुलिस ने दोनों का शांतिभंग में चालान कर दिया है।
बुधवार को एक मुकदमे की वांछित महिला सविता यादव ने अपने पुलिस आरक्षी मुंहबोले भाई के साथ मिलकर मांडा थाने के सामने सड़क पर जमकर हंगामा किया। वह अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को खत्म कराने और क्रॉस मुकदमा दर्ज कराने के लिए मांडा पुलिस पर दबाव बना रही थी। काम न होने पर आक्रोशित होकर दोनों थाने के सामने सड़क पर बैठ कर प्रदर्शन करने लगे। इसकी जानकारी होने पर पुलिस पहुंच गई और दोनों को उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद दोनों का शांति भंग में चालान कर दिया।
सविता पर पहले से ही मारपीट का मुकदमा दर्ज है और शांति भंग का चालान भी हुआ था। मांडा थाना क्षेत्र के महेवा कला गांव निवासी सविता यादव और कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात सिपाही राज प्रताप सिंह ने बुधवार दोपहर मांडा थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन की सूचना पर दरोगा योगेंद्र उपाध्याय मौके पर पहुंचे और दोनों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गई। बता दें कि बीते 27 जून व छह जुलाई को सविता यादव और उसका देवर बच्चा यादव ने पड़ोसी सुकुरू निषाद और उसकी पत्नी दुर्गा देवी के साथ मारपीट की थी, जिसमें दोनों का हाथ टूट गया था। पीड़ित सुकुरू निषाद और दुर्गा देवी की तहरीर पर मांडा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। उक्त मामले में आठ जुलाई को आरोपी सविता का पुलिस ने शांति भंग में चालान भी किया था।
जिसके बाद सविता फर्जी आरोप लगाकर सुकुरू निषाद, उसकी पत्नी दुर्गा देवी और भाई अजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश कर रही है। मामले में इंस्पेक्टर मांडा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी सविता अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे में एफआर लगाने के लिए दबाव बना रही थी। सड़क पर प्रदर्शन करने पर महेवा कला निवासिनी सविता यादव व जिला कौशांबी थाना पिपरी निवासी राज प्रताप सिंह का शांति भंग में चालान किया गया है।