किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी।
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अजय दास ने जारी किया पत्र
ऋषि अजय दास ने मीडिया को जारी पत्र में कहा है कि वर्ष 2015-16 में उज्जैन के महाकुंभ में लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को आचार्य महामंडलेश्वर पद पर नियुक्त किया गया था। जिस उद्देश्य को लेकर उनको पदवी दी गई थी, उससे वह भटक गए हैं। इसलिए उनको पदमुक्त किया जा रहा है। शीघ्र ही उन्हें इसकी लिखित सूचना दे दी जाएगी। यह भी आरोप लगाया कि बिना मेरी सहमति के 2019 के कुंभ में इन्होंने एक अनुबंध जूना अखाड़े के साथ कर लिया। जो कि अनैतिक ही नहीं विधि के अनुकूल भी है। जो कि एक जालसाजी है।
कहा कि फिल्मी दुनिया से ताल्लुक रखने वाली ममता बनर्जी को इन्होंने महामंडलेश्वर बना दिया। इससे सनातन धर्म की छवि धूमिल हो रही है। इससे मजबूर होकर लक्ष्मी नारायण के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी।
आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण ऋषि अजय दास पर भड़के
किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ऋषि अजय दास के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कहा कि अजय दास कभी किन्नर अखाड़े के संस्थापक थे। बाद में उन्होंने स्वेच्छा से त्यागपत्र दे दिया और गृहस्थ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। वर्तमान में वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ जयपुर में निवास कर रहे हैं। महाकुंभ मेले में वह प्रयागराज आए हैं और कंप्यूटर बाबा के शिविर में बैठकर खुद को किन्नर अखाड़े का संस्थापक बता रहे हैं। अगर वह किन्नर अखाड़े का हिस्सा हैं तो किन्नर अखाड़े में आकर बात करें।
आचार्य महामंडलेश्वर ने कहा कि कहा कि किन्नर अखाड़े का जूना अखाड़े के साथ अनुबंध है। हमारे गुरु महंत हरि गिरि हैं। कहा कि ममता कुलकर्णी के ऊपर कोई भी आरोप साबित नहीं हुआ है। पूरी प्रक्रिया और विधि विधान के साथ किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर उन्हें बनाया गया है। कहा कि अगर अपनी हरकतों के अजय दास बाज नहीं आए तो उनके खिलाफ कोर्ट में जाएंगे।