रमजान का महीना बीतने के बाद मस्जिदों में नमाजियों की घटती संख्या और इबादत के प्रति बढ़ती उदासीनता पर उलेमाओं ने चिंता जताई है। कस्बा स्थित रजा जामा मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की तकरीर के दौरान मौलाना अब्दुल कुद्दूस कादरी ने मोमिनों को नमाज की अहमियत व कुरान की बरकतों पर विस्तृत जानकारी दी। नमाज से पूर्व खुतबा के दौरान ने कहा कि कुरान की तिलावत केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि यह मोमिनों के लिए शारीरिक एवं मानसिक शिफा है। उन्होंने अपील की कि दुनियावी चकाचाैंध में खोकर अपनी आखिरत को न भूलें। इस दौरान भारी संख्या में अकीदतमंदों ने जुमे की नमाज अदा की।