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MNNIT : कंप्यूटर हैकर्स भी हो जाएंगे फेल, क्रिप्टोग्राफर राजीव आनंद ने बताए साइबर हैकिंग से बचाव के उपाय

Sat, 06 Jul 2024 03:37 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में पांच दिवसीय नेशनल इंस्ट्रक्टशनल वर्कशॉप ऑन क्रिप्टोलॉजी के आखिरी दिन शुक्रवार को डॉ. राजीव आनंद साहू ने साइबर हैकिंग की बढ़ती चुनौतियों और इससे बचाव के संभावित उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
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एमएनएनआईटी में आयोजित कार्यशाला में मौजूद क्रिप्टोग्राफर डॉ राजीव आनंद व अन्य। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गणित के कठिन सवाल ही अब साइबर हैकर्स का गुणा-गणित बिगाड़ेंगे। संदेशों की कोडिंग करने वाले वरिष्ठ क्रिप्टोग्राफर डॉ. राजीव आनंद साहू के मुताबिक मौजूदा कंप्यूटर से कई गुना शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर आने पर हैकर्स इनका और ज्यादा दुरुपयोग कर सकते हैं। इससे हमें गणित के कठिन सवाल ही बचाएंगे। यह सवाल इतने कठिन होंगे कि खुद क्वांटम कंप्यूटर भी हल न कर सके। क्रिप्टोग्राफर इसी दिशा में लगे हुए हैं।

मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में पांच दिवसीय नेशनल इंस्ट्रक्टशनल वर्कशॉप ऑन क्रिप्टोलॉजी के आखिरी दिन शुक्रवार को डॉ. राजीव आनंद साहू ने साइबर हैकिंग की बढ़ती चुनौतियों और इससे बचाव के संभावित उपायों पर विस्तार से चर्चा की। कहा, आज सोशल मीडिया व फोन कॉल के जरिये हो रही ठगी चिंताजनक है। बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए क्रिप्टोग्राफर नई रणनीति पर काम कर रहे हैं।

बकौल साहू, कंप्यूटर सिस्टम की सुरक्षा गणित के सवालों पर आधारित होती है और वह सवाल किसी कठिन फार्मूले पर। आज के समय में थोड़ा प्रयास करके हैकर्स सिस्टम को हैक कर लेते हैं, क्योंकि कोड किए गए गणित के सवाल जल्द हल हो जाते हैं। इन साइबर हमलों के खतरों को घटाने के लिए भविष्य में क्वांटम कंप्यूटर आने वाले हैं। यह आज के कंप्यूटर से कई गुना शक्तिशाली होंगे।

क्वांटम कंप्यूटर की मदद से हैकर साइबर सुरक्षा के लिए कोड किए गए सवालों को आसानी से हल करके कंप्यूटर सिस्टम हैक कर सकते हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए कोडिंग में गणित के ऐसे कठिन सवाल रखे जाएंगे कि उन्हें क्वांटम कंप्यूटर भी हल न कर सके। इससे बैकिंग, हेल्थकेयर, रक्षा समेत विभिन्न सेक्टर की सुरक्षा में सेंधमारी अत्यंत कठिन हो जाएगी।

 

इस कार्यशाला के संयोजक डॉ. सहदेव रहे। इस मौके पर नेशनल इंस्ट्रक्टशनल वर्कशॉप ऑन क्रिप्टोलॉजी के अध्यक्ष प्रो. शिवदत्त त्रिपाठी, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल के डॉ. शशांक, डॉ. प्रीतम सिंह, एनआईटी रायपुर से आंचल शर्मा, जय कुमारी पटेल, संजय कुमार और साइंस कॉलेज रायपुर से योगिता चंद्राकर आदि मौजूद रहे।

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