अतरसुइया स्थित जामिया हबीबिया मस्जिदे आजम मदरसा में नकली नोट छपने का भंडाफोड़ होने के बाद कई अहम खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि इस मदरसे में भारत के 10 राज्यों के अलावा नेपाल से भी बच्चे तालीम ले रहे थे।
पुलिस ने सभी बच्चों के नाम, पता और मोबाइल नंबर को ले लिया है। इसी के आधार पर पुलिस अब इन सभी से पूछताछ करेगी। सिविल लाइंस पुलिस मदरसा पहुंचकर रजिस्टर खंगाला तो पता चला कि यहां पर कुल 106 बच्चे तालीम ले रहे हैं। यह बच्चे महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश के अलावा नेपाल के हैं। इनमें कई बच्चे ऐसे भी हैं जो कई सालों से इसी मदरसे में तालीम ले रहे हैं।
पुलिस अफसरों ने बताया कि बुधवार को गई टीम को मदरसे में बच्चे नहीं मिलने पर किसी बच्चे से पूछताछ नहीं हो सकी है। अब इन सभी बच्चों से भी एक बार पूछताछ की जाएगी।
अबतक 14 लोगों के दर्ज हो चुके हैं बयान
नकली नोट छपने का भंडाफोड़ होने के बाद से पुलिस ने एक लंबी चौड़ी लिस्ट बनाई है। पुलिस अफसरों ने बताया कि मदरसे में पकड़े गए आरोपी मौलवी तफसीरूल से लेकर अबतक 14 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस अब मदरसे में तालीम लेने वाले बच्चों से भी एक-एक कर पूछताछ करेगी।
आईबी को सौंपी जाएगी किताब की प्रतिलिपि
पुलिस को मदरसे से आरएसएस की तुलना आतंकवादी संगठन से करने वाली एक किताब भी मिली थी। जिसका शीर्षक ‘आरएसएस देश का सबसे बड़ा आतंकवादी संगठन’ है। पुलिस ने इस किताब को कब्जे में ले लिया था। अब इस किताब की एक प्रतिलिपि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) को सौंपेगी।
मदरसे के तीन बैंक खाते को किया फ्रीज
पुलिस की जांच में जामिया हबीबिया मस्जिदे आजम मदरसा के नाम पर तीन बैंक खातों के बारे में पता चला है। इन बैंक खातों में तकरीबन 40 लाख रुपये होने की बात सामने आई है। साथ ही खाते में कई बार बड़ी रकम का ट्रांजक्शन भी किया गया है। पीडीए की तरफ से मदरसा सील करने के बाद पुलिस ने अब इन तीनों ही खातों को फ्रीज करने के लिए संबंधित बैंक को पत्राचार किया है। साथ ही पूछा गया है कि इन तीनों ही खातों में किन-किन शहरों से और किन-किन लोगों ने पैसा ट्रांसफर किया है। पुलिस को शक है कि मदरसा संचालित करने के लिए कई फंडिंग की जा रही थी। बता दें कि अब इन तीनों ही खातों में पैसे आएंगे तो लेकिन निकाले नहीं जा सकेंगे।