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Prayagraj News: पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह समेत चार के खिलाफ चार्जशीट

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सपा के पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह समेत चार के खिलाफ तीन महीने पहले दर्ज केस में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। यह केस लोकसभा चुनाव के मतदान केंद्र के बाहर हंगामे के बाद दर्ज हुआ था। इसमें सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, आचार संहिता उल्लंघन की भी धाराएं लगी थीं। करेली पुलिस ने विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई करते हुए मुकदमे में सात सीएलए एक्ट की धारा की बढ़ोतरी भी की है।
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पूर्व सांसद के अलावा इस मामले में रेहान अहमद, मोहम्मद गुलशेर और हरिओम साहू के खिलाफ भी चार्जशीट लगाई गई है। तीनों का नाम विवेचना के दौरान प्रकाश में आया था। घटना 25 मई को करेली स्थित राजस्व प्रशिक्षण विद्यालय मतदान केंद्र के बाहर हुई थी। मामले में पूर्व सांसद व उनके चालक चंद्रशेखर को नामजद किया गया था। जबकि, 50 अज्ञात समर्थकों को भी आरोपी बनाया गया था। पूर्व सांसद घटना वाले दिन शाम चार बजे के करीब अचानक करेली के 60 फीट रोड पर स्थित राजस्व प्रशिक्षण मतदान केंद्र के पास पहुंचे तो वहां समर्थकों की भीड़ जुट गई।
इसकी जानकारी पर पहुंचे एसीपी करेली पुष्कर वर्मा ने मना किया तो पूर्व सांसद से उनकी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद उन्हें थाने में लाकर मुकदमा पंजीकृत किया गया था। बाद में पूर्व सांसद के बेटे व तत्कालीन प्रत्याशी (मौजूदा सांसद) उज्ज्वल रमण सिंह के पहुंचने पर उन्हें आवश्यक कार्रवाई के बाद छोड़ दिया गया।
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दरोगा की तहरीर पर लिखा गया था केस
मामले में करेली थाने के दरोगा मनीष कुमार राय ने तहरीर देकर रिपाेर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि मतदान के दौरान सूचना प्राप्त हुई कि रेवती रमण सिंह वाहन में गनर के साथ आकर मतदान केंद्र लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र के सामने रुके हैं। समर्थकों को अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मौके पर पहुंचने पर देखा कि वहां काफी भीड़ लगी थी। रेवती रमण फॉर्च्यूनर कार में चालक चंद्रशेखर व दो गनर संग बैठे थे। वाहन पास मांगने पर चालक ने जिला निर्वाचन, प्रयागराज का दिनांक 07/05/2024 को निर्गत वाहन पास दिखाया, जिसमें 23 मई 2024 की शाम 05:00 बजे तक अनुमति अंकित थी। निर्देश के विपरीत पास वाहन के शीशे पर भी चस्पा नहीं था।
वाहन के आगे दाहिने तरफ सपा का झंडा लगा था व अंदर तीन और झंडे लगे मिले। आरोप है कि समर्थक पुलिस के विरुद्ध नारा लगाने लगे व अमर्यादित बातें करते हुए चुनाव बहिष्कार व किसी भी मतदाता को वोट नहीं डालने देने की बात कहने लगे। काफी समझाने के बाद भी शांत नहीं हुए। वहीं, समर्थकों समेत पुलिस पार्टी पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास करने लगे।

पूर्व सांसद ने अभद्रता का लगाया था आरोप
उधर, पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए पूर्व सांसद ने आरोप लगाया था कि मतदाताओं को वोट नहीं डालने दिए जाने की शिकायत मिलने पर वह करेली गए थे। वहां पुलिस अफसर ने अभद्रता की। इसके बाद थाने चलने को कहा गया, जिस पर वह वहां चले गए।
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