प्रीमियम ट्रेनों में लगे सीसीटीवी कैमरे का रखरखाव निजी हाथों में होगा। इसकी शुरुआत प्रयागराज से नई दिल्ली/आनंद विहार जाने वाली हमसफर एक्सप्रेस और कानपुर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस से होने जा रही है। रेलवे ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सीसीटीवी कैमरे के साथ इन ट्रेनों के ब्रेकवान, जनरेटर यान वैन के डिस्प्ले सिस्टम का अनुरक्षण भी निजी कंपनियां ही करेंगी। इसके अलावा मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री के सीसीटीवी कार्यों की देखरेख की जिम्मेदारी भी ठेके के जरिये ही होगी। यह व्यवस्था फिलहाल, तीन वर्ष के लिए लागू रहेगी। रेलवे अफसरों का कहना है कि सुरक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए दक्ष एजेंसियों का ही चयन किया जाएगा। इस दौरान सारी जवाबदेही संबंधित एजेंसी की रहेगी।
अगर निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी खराब मिलती है या उसमें कोई तकनीकी समस्या आती है तो संबंधित एजेंसी पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इस बारे में उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी का कहना है कि सीसीटीवी की देखरेख व प्रबंधन के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। ब्यूरो