छात्रों के लिए साइबर सुरक्षा हैंडबुक लेकर आया सीबीएसई --हैंडबुक के जरिए छात्रों को डिजिटल प्लेटफार्म की चुनौतियों की जानकारी दी जाएगी प्रयागराज। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूली बच्चों के बीच स्वस्थ डिजिटल आदतों के विकास के लिए साइबर हैंड बुक शुरू की है। हैंडबुक स्कूली बच्चों को डिजिटल प्लेटफार्म के बारे में जानकारी देने के साथ यह भी बताएगा कि हमारे छात्र प्रौद्योगिकी को लेकर कितने सहज हैं। हैंडबुक के जरिए छात्रों को डिजिटल प्लेटफार्म के खतरे के बारे में भी आगाह किया जाएगा।बोर्ड का मानना है कि अक्सर हम देखते हैं कि बच्चे डिजिटल प्लेटफार्म के साथ सहज होते हैं, ऐसे में हम यह गलत आकलन कर लेते हैं कि हमारे छात्र डिजिटल प्लेटफार्म के बारे में अधिक जानते है।
सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी की ओर से हैंडबुक के बारे में जारी सूचना में कहा गया है कि इसके जरिए मॉड्यूल साइबर सुरक्षा जैसे सामाजिक बहिष्कार, धमकी, मानहानि, और भावनात्मक उत्पीड़न, ऑनलाइन यौन शोषण, साइबर कट्टरता, ऑनलाइन हमले और धोखाधड़ी, और ऑनलाइन प्रतिबंध सहित साइबर सुरक्षा में विषयों के बारे में जानकारी दी जाएगी।इसके जरिए डिजिटल नागरिकता के नौ तत्वों - डिजिटल एक्सेस, साक्षरता, संचार, शिष्टाचार, स्वास्थ्य और भलाई, अधिकारों, स्वतंत्रता और जिम्मेदारी, सुरक्षा और कानून की भी जानकारी दी जाएगी। हैंडबुक (मैनुअल) माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के छात्रों के लिए पाठों के अलावा, हैंडबुक में दिए गए विषयों पर छात्रों के ज्ञान का परीक्षण करेगा।सीबीएसई के छात्रों के लिए साइबर पीस फाउंडेशन के सहयोग से शुरू किया जाने वाला यह हैंडबुक को माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के छात्रों के लिए है। सीबीएसई के सचिव की ओर से कहा गया है कि डिजिटल प्रौद्योगिकी को लेकर कुछ छात्र अति आत्मविश्वास के शिकार हो जाते हैं। कुछ छात्र प्रौद्योगिकी की जानकारी के लिए इंटरनेट की ओर रुख करते हैं, सही जानकारी नहीं मिलने से वह उनके लिए भ्रामक सिद्घ होता है। छात्र अक्सर शोध कार्य करते समय संघर्ष करते हैं। उनके लिए यह जानना कठिन होता है कि किसी अनजान वेबसाइट पर दी गई जानकारी कितनी सही है। बोर्ड का कहना है कि उन्हें जोखिम और खतरों के बारे में जानकारी नहीं है यह हैंडबुक उन्हें खतरों से आगाह करेगी। सीबीएसई ने पहली से दसवीं के बच्चों के लिए शिक्षण और सीखने की कला के विकास के लिए अलग तरीके अपनाने की घोषणा की है। छात्रों को कला के विभिन्न तरीकों के माध्यम से कई विषयों को पढ़ाया जाएगा। छात्रों को हाथों-हाथ सीखने के लिए प्रोजेक्ट दिए जाएंगे।