सार
हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच पर सवालियां निशान भी खड़े किए। कहा, कोर्ट को भी गुमराह करने की कोशिश कर रही थी। लिहाजा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा के लिए कोर्ट अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपती है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को फतेहपुर के कल्याणपुर थानाक्षेत्र के अंतर्गत तीन वर्ष से लापता युवती के मामले की जांच का आदेश दिया है। साथ ही मामले में जांच करके सुनवाई की अगली तिथि 21 अगस्त को रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति गौतम चौधरी ने कलावती व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट ने कहा, पुलिस तीन वर्षों से मामले की जांच कर रही है, लेकिन लापता युवती का पता नहीं लगा पाई। जबकि, मामले की निगरानी खुद पुलिस महानिदेशक द्वारा की जा रही थी। फतेहपुर के साथ प्रयागराज पुलिस और गठित एसआईटी की टीम भी जांच कर रही थी। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक युवती की लोकेशन गुजरात में मिली थी। बावजूद इसके पुलिस पता नहीं लगा पाई।
कोर्ट ने पुलिस की जांच पर सवालियां निशान भी खड़े किए। कहा, कोर्ट को भी गुमराह करने की कोशिश कर रही थी। लिहाजा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा के लिए कोर्ट अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपती है।
मामले में याची युवती की मां ने यह शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी शादी सुमित कुमार से हुई थी। तीन असामाजिक तत्वों ने उसकी बेटी का अपहरण कर लिया। पुलिस ने पहले इसकी शिकायत दर्ज नहीं की। तब फतेहपुर के एसपी, सीएम पोर्टल और एससीएसटी आयोग से शिकायत करने पर प्राथमिकी दर्ज की गई। कोर्ट ने कहा, पुलिस को कई मौके दिए गए, लेकिन वह युवती का पता लगाने में नाकाम रही।