खुद का फोटो पेश कर पीड़िता ने उजागर किया फर्जीवाड़ा
हाईकोर्ट का नोटिस पाने के बाद पीड़िता ने याची के फोटो वेरिफिकेशन सेंटर पर खींचे फोटो को फर्जी बताया। अपनी बात साबित करने के लिए उसने भी पैसे खर्च कर 12 मई 23 को खींचे फोटो को 21 सितंबर 24 में परिवर्तित करवा कर वकील के जरिये कोर्ट में दाखिल किया। दावा किया कि फोटो वेरिफिकेशन सेंटर पर पैसे से किसी भी दिन का फोटो प्राप्त किया जा सकता है।
बार के सचिव ने दी रिपोर्ट, कहा-कराई जाए सीबीआई जांच
फर्जीवाड़े की कहानी उजागर होने पर कोर्ट ने बार एसोसिएशन के सचिव विक्रांत पांडेय को अदालत में जानकारी देने के लिए बुलाया। सचिव ने जांच रिपोर्ट पेश की। बताया कि पुष्पा का फोटो 12 मई 2023 को खींचा गया था। फोटो ‘फोटो वेरिफिकेशन सेंटर’ में संचालित समस्त कंप्यूटर इंटरनेट के माध्यम से वेब मार्क्स इंडिया से संचालित होते हैं। यदि सर्वर कंप्यूटर में तिथि परिवर्तित भी कर दी जाए तो भी निकलने वाली रसीद व फोटो में वही तारीख अंकित होगी, जिस दिन खींचा गया था। जांच के दौरान कर्मचारियों ने बताया कि सही में पुष्पा के अंगूठे का निशान फोटो के नीचे दिख रहा है। जबकि, 21 सितंबर 24 के फोटो पर तारीख कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से बदली है। साथ ही फोटो के नीचे अंगूठे का निशान नहीं दिख रहा। इसी से स्पष्ट हो रहा है कि फोटोग्राफ भी संपादित है। सचिव ने मामले को गंभीर मानते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की।
कोर्ट ने स्थगन आदेश बढ़ाने से किया इन्कार
कोर्ट ने याची के खिलाफ ट्रायल पर लगी रोक आगे बढ़ाने से इन्कार कर दिया है। साथ ही कहा कि मामला गंभीर है। दस्तावेजों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी है। लिहाजा, कोर्ट ने सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश व हाईकोर्ट के महानिबंधक को आदेश की प्रति संयुक्त निदेशक सीबीआई लखनऊ को भेजने का आदेश दे दिया है। कहा कि सीबीआई चार नवंबर को जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत में पेश करे।