प्रयागराज।कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की और से देश की सभी महिलाओं के नाम एक खुला पत्र जारी किया गया है। पत्र के माध्यम से कैट की ओर से कहा गया है कि चीन से अपनी सीमा की सुरक्षा के लिए हमारे 20 जवान शहीद हुए। ऐसे में हमारा भी दायित्व बनता है कि इस बार रक्षाबंधन पर हम चीन में बनी राखियों का इस्तेमाल बिल्कुल भी ना करें। कैट की ओर से जारी पत्र में देश की सभी महिलाओं से कहा गया है कि जब भी देश पर संकट आया है तो इस देश की मातृ शक्ति रानी लक्ष्मी बाई, अहिल्या बाई और रानी पद्मावती की तरह हाथ में हथियार उठा कर दुश्मन को परास्त किया। आज फिर देश को इस मातृ शक्ति की आवश्यकता है पर इस बार आपको हथियार उठा कर युद्ध नहीं करना है बल्कि आने हुनर और कौशल से आर्थिक मोर्चे पर चीन को शिकस्त देनी है। ऐसे में रक्षाबंधन से अच्छा और कोई मौका नहीं हो सकता। इस बार रक्षाबंधन का पर्व 3 अगस्त को है। इस पर्व पर 60% से ज्यादा मेड इन चाइना की राखी की बिक्री होती है ।इस बार जहाँ तक संभव हो चीन की राखी ना खरीदें। कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल, विभु अग्रवाल आदि ने कहा कि चाइना की राखी अगर कोई खरीदता है तो कही ना कहीं सीमा पर खड़े उस भाई के हाथ कमजोर होंगे जो दिन-रात देश की रक्षा के लिए वहां खड़ा है । बता दें कि कैट की ओर से अखिल भारतीय स्तर पर “भारतीय सामान-मेरा अभिमान” चलाया जा रहा है। इस अभियान की चीन तक में चर्चा है।