फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Court : रेलवे के आदेश को रद्द कर पत्नी को तीन माह में अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्देश, कैट ने सुनाया फैसला

Sat, 05 Jul 2025 11:38 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने कहा कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर्मचारी, जिसे नियुक्ति के बाद प्रशिक्षण के लिए भेजा गया, उसे एक नियमित कर्मचारी माना जाएगा। यह टिप्पणी करते हुए कैट ने रेलवे के 23 मई 2023 के आदेश को रद्द कर दिया।
विज्ञापन
कैट कोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने कहा कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर्मचारी, जिसे नियुक्ति के बाद प्रशिक्षण के लिए भेजा गया, उसे एक नियमित कर्मचारी माना जाएगा। यह टिप्पणी करते हुए कैट ने रेलवे के 23 मई 2023 के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही तीन महीने की अवधि के भीतर नियमानुसार पूजा राजपूत को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का निर्देश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति रजनीश कुमार राय ने झांसी की पूजा राजपूत की अर्जी पर दिया।

याची के पति स्वर्गीय अनूप सिंह राजपूत को उनके पिता स्वर्गीय हरिपत सिंह के निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर रेलवे विभाग में एक अपरेंटिस (ट्रेनी तकनीशियन तृतीय) के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्हें तीन साल तक अनिवार्य प्रारंभिक प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। दुर्भाग्य से 18 अक्तूबर 2014 को अनूप सिंह की मृत्यु हो गई। इसके बाद पत्नी पूजा राजपूत ने अनुकंपा नियुक्ति की मांग करते हुए अभ्यावेदन प्रस्तुत किया। रेलवे ने प्रशिक्षण पूरा न होने के आधार पर याची के पति को स्थायी कर्मचारी न मानते हुए अभ्यावेदन खारिज कर दिया, जिसे कैट में चुनौती दी गई।

याची के अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता ने दलील दी रेलवे का यह कहना कि याचिकाकर्ता के पति ने तीन साल का प्रशिक्षण पूरा नहीं किया है, यह गलत है। कैट ने पक्षों को सुनने के बाद रेलवे के आदेश को रद्द करते हुए तीन माह में नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का निर्देश दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें