बैरहना स्थित कब्रिस्तान के सामने शुक्रवार तड़के स्ट्रीट लाइट के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से बस कंडक्टर पुष्पेंद्र सिंह उर्फ दादू (40) की मौत हो गई। सड़क पार करने के लिए वह डिवाइडर में लगे पोल का सहारा ले रहे थे।
सूचना पर पहुंची पुलिस पुष्पेंद्र को एसआरएन अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस परिजनों को सूचित कर शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया। परिवार में पत्नी के अलावा चार बेटी समेत एक बेटा है। परिजनाें ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
गेरुआरी गांव, रीवा के रहने वाले पुष्पेंद्र मुट्ठीगंज निवासी जितेंद्र जायसवाल के बस पर कई सालों से कंडक्टर का काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कब्रिस्तान के सामने डबल डेकर की टूरिस्ट बस खड़ी थी।
सुबह करीब 5:30 बजे दादू सड़क पार करके बाल्टी में पानी लेने गए थे। लौटते वक्त डिवाइडर में लगे स्ट्रीट लाइट के पोल का सहारा लेकर सड़क पार करने लगे, तभी करंट की चपेट में आकर वह गंभीर रूप से झुलस गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं, कीडगंज इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले में शिकायत नहीं मिली है।
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बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भाई नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शहर के बीचोबीच रोड के डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट के पोल में करंट उतरना गंभीर मामला है। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करेंगे।
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दधिकांदो मेला के दौरान पोल के लाइट बाॅक्स से लगाई गई थी लाइट
हादसे के समय मौजूद लोगों ने बताया कि कीडगंज में आयोजित दधिकांदो मेला के दौरान डिवाइडर के बीच लगे स्ट्रीट लाइट पोल के बाॅक्स से रंगीन लाइटों से सजावट की गई थी। लोगों ने आशंका जताई की लाइटों को निकालते समय बाॅक्स के तार को सही लगा नहीं गया, जिससे करंट आ गया।