लोकसभा चुनाव के लिए फूलपुर और इलाहाबाद संसदीय सीट से भाजपा, सपा और कांग्रेस ने अपने पत्ते खोल दिए है। अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की बारी है। प्रत्याशियाें के नाम घोषित करने में बसपा अब तक सबसे पीछे है। पार्टी ब्राह्मण या ओबीसी प्रत्याशी पर दांव लगाने की तैयारी में है। इस हफ्ते प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की जा सकती है।
बसपा के सूत्रों का कहना है कि पार्टी अब तक अन्य प्रमुख दलों के प्रत्याशी घोषित होने का इंतजार कर रही थी, ताकि रणनीतिक तौर पर मंथन के बाद मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतारा जा सके। इलाहाबाद सीट से ब्राह्मण और ओबीसी प्रमुख दावेदार माने जा रही हैं। वहीं, फूलपुर से मुस्लिम, ब्राह्मण, ओबीसी समाज से जुड़े लोगों से बसपा से टिकट के लिए दावेदारी की है।
पार्टी टिकट बंटवारे में पार्टी जातिगत जनसंख्या को आधार बना सकती है। इसके साथ ही पार्टी एक ऐसे प्रत्याशी की तलाश में है, जो हर तरह से मजबूत और जातिगत समीकरण में फिट बैठता हो। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इलाहाबाद सीट से किसी ओबीसी प्रत्याशी को मैदान में उतारा जा सकता है। वहीं, फूलपुर से बाह्मण प्रत्याशी को वरीयता दी जा सकती है।
हालांकि, दोनों ही सीटों से पार्टी के कई कैडर कार्यकर्ताओं ने भी दावेदारी की है और उनके आवेदन भी बसपा सुप्रीमो मायावती तक पहुंचाए गए हैं। पिछले चुनाव में सपा के साथ गठबंधन के कारण बसपा ने दोनों ही सीटों से अपने प्रत्याशी नहीं उतारे थे और दोनों ही सीटें सपा के पास थीं। इस बार बसपा की लड़ाई भाजपा के साथ इंडिया गठबंधन से भी है, जिसमें कांग्रेस और सपा दोनों शामिल हैं।