लखनऊ में लोकेशन मिलने पर भेजी गई थीं दो टीमें
इसके बाद उसे चलती बाइक से ही धक्का देकर गिरा दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मामला पहले प्राणघातक चोट पहुंचाने, मारपीट व धमकी की धाराओं में दर्ज किया गया। हालांकि विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर इसे हत्या के प्रयास के आरोप में तरमीम किया गया। साथ ही आपराधिक साजिश की धारा भी बढ़ाई गई। इसके बाद ही विनोद बी लाल को इस मुकदमे में वांछित किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, लोकेशन लखनऊ में मिलने पर शनिवार को प्रयागराज से दो टीमें भेजी गई थीं। इनमेें से एक टीम ने सटीक सूचना पर मोहनलालगंज स्थित गेस्ट हाउस से उसे पकड़ लिया। देर रात उसे नैनी थाने लाया गया। जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी यमुनानगर अभिनव त्यागी ने बताया कि विनोद बी लाल को गिरफ्तार किया गया है। उधर इंस्पेक्टर यशपाल सिंह ने बताया कि आरोपी के कब्जे से एक फर्जी आधार बरामद किया गया है।
महिला ने दर्ज कराया है केस
उधर इसी महीने घूरपुर थाने में मिर्जापुर निवासी महिला ने धर्मांतरण व पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में आरबी लाल व विनाेद बी लाल समेत चार को नामजद करते हुए कुल सात लोगों के खिलाफ समेत केस दर्ज कराया है।
कुल 32 मुकदमे, लखनऊ में भी एक केस
विनोद बी लाल पर कुल 32 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर मुकदमे प्रयागराज के हैं। इसके अलावा लखनऊ, प्रतापगढ़, फतेहपुर में भी आपराधिक मामलों में उसका नाम आया। इनमें हत्या से लेकर अन्य धाराओं के मुकदमे शामिल हैं। 2018 में उस पर गैंगस्टर लग चुका है। जबकि धर्मांतरण के आरोप में उस पर कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। सूत्रों का कहना है कि वह दो साल पहले रिटायर हो चुका है। हालांकि कुछ समय बाद शुआट्स चैरिटेबल सोसाइटी से दोबारा उसे इसी पद पर नियुक्त कर दिया गया। वह पहले भी जेल जा चुका है।
स्पेशल डीजी के आदेश के बाद कार्रवाई
चर्चा इस बात की भी रही कि स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार के आदेश के बाद इस मामले में कार्रवाई हुई। 2018 में नैनी थाने में विनोद बी लाल पर दर्ज एक मामले में लीपापोती कर दी गई थी। इसकी शिकायत पहुंची तो स्पेशल डीजी ने एसटीएफ को लगाया। एसटीएफ की टीमें उसके पीछे लगी हुई थीं और उसकी लोकेशन लखनऊ में मिलने पर इसकी जानकारी प्रयागराज पुलिस को दी गई। इसके बाद प्रयागराज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।