शहर में इन दिनों हड्डी तोड़ बुखार का कहर है। इससे सबसे ज्यादा शहर पश्चिमी के प्रीतमनगर, रम्मन का पुरा, न्याय बिहार कॉलोनी, धूमनगंज, सुलेमसराय, चौफटका, सूबेदारगंज, ट्रांसपोर्ट नगर, राजरूपपुर, हिम्मतगंज सहित दो दर्जन से अधिक मोहल्ले प्रभावित हैं। इन इलाकों में हर दूसरे घर में लोग इस बुखार की चपेट में हैं। चिकित्सकों की मानें तो इस बुखार के सारे लक्षण डेंगू की तरह हैं, लेकिन जांच करने पर मरीज डेंगू पॉजिटिव नहीं आ रहा है।
वहीं, धूमनगंज में आईटीबीपी और सीआरपीएफ के 50 से अधिक जवान इस बुखार की चपेट में आ चुके हैं। इनका इलाज आसपास के अस्पतालों में चल रहा है। लोगों की मानें तो तीन से चार दिन में बुखार तो ठीक हो जा रहा है, मगर बुखार के दौरान शरीर के जोड़ों में इतना अधिक दर्द होता है कि एक कदम चलना दुश्वार हो जाता है।
वहीं, तेज बुखार होने पर प्लेटलेट्स भी तेजी से गिरने लगते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार आने पर मरीजों को हड्डियों में तेज दर्द, सर में दर्द सहित शरीर में खुजली की शिकायत हो रही है। इसके अलावा बुखार ठीक होने के बाद कम से कम एक माह से अधिक का समय उन्हें पूरी तरह से स्वस्थ होने में लग रहा है। कॉल्विन अस्पताल में प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं।