फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: गोतस्करी रुकवाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का खेल, ऑडियो वायरल

विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद में गोतस्करी रुकवाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का खेल सामने आया है। यह पता चला है कि एक गिरोह तस्करी के लिए ले जाए जा रहे मवेशियों से भरी गाड़ियों को रुपये न मिलने पर पुलिस से पकड़वाने व पैसे मिलने पर छोड़ने का काम कर रहा है। यह खुलासा गिरोह के दो लोगों की बातचीत के ऑडियो वायरल होने पर हुआ है। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस अफसरों ने इसकी जांच शुरू करा दी है।
विज्ञापन

सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों आला पुलिस अफसरों के पास शिकायत पहुंची थी कि प्रयागराज में गोतस्करी रुकवाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का खेल चल रहा है। इस पर गोपनीय तरीके से जांच कराई जा रही थी। इस दौरान एक सफारी गाड़ी के बारे में पता चला जो कई बार मवेशियों से लदे वाहनों (मुख्यत : कंटेनरों) के आगे-पीछे चलती नजर आई। इस गाड़ी के बारे में पता चला कि यह पश्चिमी यूपी के नितिन नाम के शख्स की है। जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि वह खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताता है।
चौंकाने वाली बात यह कि वह प्रयागराज में भी कुछ लोगों के लगातार संपर्क में बना रहता है। अब उसके दो ऑडियो सामने आए हैं। इसमें एक में वह अपने एक साथी से मवेशियों से भरे कंटेनर को पकड़वाने को लेकर बातचीत करता सुनाई पड़ रहा है। 2:22 सेकंड के इस ऑडियो में वह तीन लाख रुपये न देने पर गाड़ी बंद करवाने की बात कहता है। इस पर उसका साथी उसे बताता है कि गुजरात के रौनक से गाड़ी मालिक की बातचीत चल रही है।
विज्ञापन

नितिन यह भी बताता है कि गाड़ी पर नीला तिरपाल लगा है। साथ ही कहता है कि इस गाड़ी के पीछे वो लोग ही लगे हैं और मेहनत उन्होंने की है। अगर रुपये नहीं मिलते हैं तो गाड़ी बंद करवा दो।
इसी तरह एक अन्य ऑडियो में वह बाबू व फैजान नाम के दो व्यक्तियों से बातचीत करता सुनाई पड़ता है। इसमें पहले फैजान उसे यह कहता है कि गाड़ी छोड़ दो और वह पैसे अकाउंट में ट्रांसफर करवा रहा है। इसके बाद वह उसकी बातचीत बाबू से भी कराता है जो उसे पैसे मिलने का भरोसा दिलाते हुए गाड़ी आगे बढ़ने देने की बात कहता सुनाई पड़ता है। इस मामले में फिलहाल पुलिस अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि दो ऑडियो संज्ञान में आए हैं। बातचीत में पश्चिमी यूपी के एक शख्स की आवाज होने की बात सामने आई है। उसकी कॉल डिटेल निकलवाई गई है, इसमें उसके प्रयागराज के कुछ लोगों के भी लगातार संपर्क में रहने की बात सामने आई है। उसकी लोकेशन, इंटरनेट कॉलिंग आदि का भी विवरण खंगाला जाएगा।

दिल्ली में पंजीकृत है सफारी
सूत्रों का कहना है कि जिस सफारी गाड़ी के बारे में जानकारी मिली है, वह दिल्ली आरटीओ में पंजीकृत है। प्रयागराज में गोतस्करी के मामले पकड़े जाने की कई घटनाओं के दौरान यह सफारी मवेशियों से भरे ट्रकों-कंटेनराें के आगे-पीछे चलते नजर आई है। रास्ताें में पड़ने वाले टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से भी इसके साक्ष्य मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें