इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीएचयू के छात्र की मौत के मामले में आरोप पत्र दाखिल करने के लिए राज्य सरकार की प्रार्थना को स्वीकार करते हुए समय दे दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने सौरभ तिवारी की जनहित याचिका पर दिया है।
राज्य के वकील ने न्यायालय को बताया कि तीन दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध 18 सितंबर को अभियोजन की स्वीकृति राज्य सरकार ने दे दी थी। इसपर मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि मामले में दोषियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ कि नहीं।
इस पर राज्य सरकार के अधिवक्ता ने समय मांगा। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को समय देते हुए अगली सुनवाई की तिथि चार दिसंबर निर्धारित कर दी। इन पर्सन याची अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि बीएचयू में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र शिव कुमार त्रिवेदी 13 फरवरी 2020 को संदिग्ध हालात में लंका थाना वाराणसी से लापता हो गया था।
सीबीसीआईडी की जांच में पाया गया कि बीएचयू छात्र की मौत 15 फरवरी 2020 को रामनगर वाराणसी के यमुना पोखरी में डूबने से हुई। इसके बाद 16 अगस्त 2022 को मामले में आठ पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।