विद्या गौरी वाटिका स्थित सत्ती चौरा मंदिर में शनिवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भोग आरती नहीं हुई। अब भगवान जगन्नाथ 22 जून तक यहां विश्राम करेंगे और इस दौरान मंदिर के पट नहीं खुलेंगे। इस दौरान 15 दिन तक भगवान को औषधीय काढ़ा का भोग लगाया जाएगा। जगन्नाथ जी महोत्सव समिति की ओर से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते भगवान जगन्नाथ को गर्मी से बचाने के उपाय किए जा रहे हैं। इस दौरान पूजा, आरती नहीं होगी, लेकिन भगवान को स्वस्थ करने के लिए काढ़े का भोग लगाया जाता रहेगा। भगवान जगन्नाथ जी मंदिर समिति के अध्यक्ष गोवर्धन दास गुप्ता व रथयात्रा के संयोजक बसंत लाल आजाद, सह संयोजक राजेश केसरवानी की देखरेख में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को काढ़े को 22 जून तक नियमित काढ़े का भोग लगाया जाएगा।