31 को 7.05 के पहले बांध सकते हैं राखी
ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक 30 अगस्त को भद्रा सुबह 10.58 बजे से रात 09:15 बजे तक है। इस दिन भद्रा पृथ्वी लोक में रहेगा, जिसे अशुभ माना जाता है। ज्योतिषियों के मुताबिक जिन घरों में रात को राखी का त्योहार नहीं मनाया जाता, वह 31 अगस्त की सुबह 07:05 से पहले राखी बांध सकते हैं। इसलिए कि इसके बाद भाद्रपद की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। अमृत काल सुबह 05:42 बजे से सुबह 07:23 तक है। इस दिन सुबह सुकर्मा योग भी रहेगा। भद्रा की बाधा भी नहीं रहेगी। ऐसे में 31 की सुबह भी रक्षाबंधन का शुभ योग है।
ऐसे बांधें भाइयों की कलाई पर राखी
राखी बांधने से पहले भाई के माथे पर तिलक और अक्षत लगाएं। भाई इस बात का ध्यान रखे कि राखी को कभी भी खाली और खुले हाथों में न बंधवाएं। हमेशा हाथ में कुछ पैसे और अक्षत रखें और अपनी मुट्ठी बंद रखें। ऐसा करने से घर में संपत्ति का वास बना रहता है। राखी बांधने के बाद भाई यथाशक्ति बहन को कुछ न कुछ उपहार जरूर दें। भद्रा काल में राखी हरगिज न बांधें। इससे भाई के जीवन पर बुरा असर पड़ता है।
29 को मनाई जाएगी श्रावणी
30 अगस्त को श्रवण नक्षत्र न मिलने और दिन भर भद्रा रहने की वजह से इस बार श्रावणी का पर्व 29 अगस्त को ही मनाया जाएगा। श्रावणी उपाकर्म करने वाले गंगा तटों पर सुबह घुटने भर जल में खड़े होकर मनसा, वाचा और कर्मणा से पापों के प्रायश्चित के लिए जतन करेंगे।