महाकुंभ मेले के पूर्व आरपीएफ कर्मियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक बैरक का निर्माण होगा। 200 बिस्तरों की क्षमता वाली बहुमंजिला बैरक का निर्माण प्रयागराज जंक्शन परिसर में ही होगा। इसकी लागत 14.81 करोड़ रुपये है। यह बैरक ग्राउंड फ्लोर प्लस टू क्षमता की रहेगी।
वर्ष 2025 की शुरुआत में ही विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ प्रयागराज में होना है। इसी वजह से मेले के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से तकरीबन दो हजार आरपीएफ/आरपीएसएफ कर्मियों को बुलाया जाएगा। पहले के वर्षों में कुंभ मेला सुरक्षा ड्यूटी के लिए आने वाले आरपीएफ/आरपीएसएफ कर्मियों को अपने रहने के लिए आवास खोजने में कठिन समय लगता था। खाली पड़े रेलवे क्वार्टरों, अस्थायी टेंटों, स्टेशनों पर प्रतीक्षा कक्षों, पुराने मॉल शेडों आदि में उन्हें समायोजित करने की अस्थायी व्यवस्था की जाती थी।
आवास समस्या को दूर करने के लिए आईजी आरपीएफ अमिय नंदन सिन्हा ने यहां आने वाले आरपीएफ/आरपीएसएफ कर्मियों के लिए अतिरिक्त बैरक बनाने का प्रस्ताव दिया था। फिलहाल उनके प्रस्ताव पर 14.81 करोड़ की अनुमानित लागत से प्रयागराज स्टेशन के पास महाकुंभ-2025 से पहले इस बैरक का निर्माण हो जाएगा। इसमें अधीनस्थ अधिकारियों और सिपाहियों के लिए आवास की व्यवस्था रहेगी।
एनसीआर के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि सुरक्षा बल कर्मियों को आरामदायक वातावरण प्रदान करने के लिए रसोई, डाइनिंग हॉल, मनोरंजन हॉल, योग कक्ष और अत्याधुनिक जिम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा सुरक्षा कर्मियों को समायोजित करने के लिए सूबेदारगंज में एक और बैरक निर्माणाधीन है। इसमें सूबेदारगंज में तैनाती वाले कर्मियों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।
प्रयागराज छिवकी और नैनी स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो बैरक निर्माणाधीन हैं। विंध्याचल में लगभग 30 सुरक्षाकर्मियों की एक बैरक निर्माणाधीन है। साथ ही प्रयागराज में मौजूदा बैरक की क्षमता बढ़ाने के लिए उसका भी नवीनीकरण किया जा रहा है।