इलाहाबाद हाईकोर्ट ने श्री बांके बिहारी मंदिर वृदावन में भीड़ प्रबंधन की योजना प्रस्तुत करने के लिए राज्य को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। कोर्ट ने याचिका की अगली तिथि तीन मार्च नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा व न्यायमूर्ति डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अनंत शर्मा व अन्य की जनहित याचिका पर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 17 जनवरी के आदेश में राज्य को निर्देश दिया था कि वह मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन योजना, चिकित्सीय सुविधा, उनके रुकने के लिए एक निश्चित स्थान आवंटित कर न्यायालय को सूचित किया जाए। इसके साथ ही न्यायालय ने कहा था कि श्रद्धालु किस तरह मंदिर पहुंचेंगे और किस तरह से वह मंदिर से बाहर निकलेंगे इसकी भी पूरी जानकारी दी जाए।
इस आदेश के अनुपालन के लिए राज्य के वकील ने न्यायालय से 15 दिन का अतिरिक्त समय देने की प्रार्थना की, जिसे न्यायालय ने स्वीकारते हुए सुनवाई की अगली तिथि तीन मार्च नियत कर दी। बता दें कि कोर्ट के आदेश पर बांके बिहारी मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर चिन्हित अतिक्रमण को हटाकर इस संबंध में राज्य की ओर से हलफनामा प्रस्तुत कर दिया गया है। सड़कों से अतिक्रमण हटाने से पहले और अतिक्रमण हटाने के बाद की तस्वीरें भी प्रस्तुत की हैं। इसके बाद ही न्यायालय ने राज्य को निर्देश दिया है कि भीड़ प्रबंधन की एक योजना बनाकर प्रस्तुत की जाए।