आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड के माध्यम से बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से चल रही योजना में आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने में प्रयागराज प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। प्रयागराज में 2002 लोगों ने आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने के लिए आवेदन किया है। इसमें से 1946 आवेदन को हरी झंडी मिल गई है। वहीं 56 आवेदन अब तक अनुमति के इंतजार में है।
आयुष्मान कार्ड के माध्यम से गरीबों को सरकारी के साथ ही निजी अस्पतालों में भी बेहतर इलाज देने के लिए सरकार की ओर से इस योजना को शुरू किया गया है। इसके तहत पात्रों को जोड़ने के लिए सरकार की ओर से लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। अधिकारियों की बैठक में भी योजना के पात्रों को जोड़ने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
आंकड़ों के मुताबिक अब तक सबसे अधिक 6133 आवेदन के साथ आजमगढ़ प्रदेश में अव्वल है। यहां 5894 को झंडी मिल चुकी है जबकि 239 को अभी हरी झंडी मिलने का इंतजार है। प्रदेश में दूसरे स्थान पर प्रतापगढ़ है। यहां पर कुल आवदेन की संख्या 4600 है। इसमें से 4381 को ही झंडी मिली है जबकि 219 आवेदन अभी रुके हुए हैं।