बीच में प्रिजन वैन, आगे-पीछे दो एस्कॉर्ट वाहन
तीनों शूटरों को स्थानांतरित किए जाने के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। तीनों को प्रिजन वैन में बैठाया गया था जिसमें पुलिसकर्मियों की तैनाती थी। इसके अलावा प्रिजन वैन के आगे पीछे भी पुलिस दो वाहन एस्कॉर्ट करते रहे।
अतीक के गुर्गों से था खतरा
सूत्रों का कहना है कि तीनों शूटरों की जान को नैनी जेल में बंद अतीक के गुर्गों से खतरा था। गौरतलब है कि अतीक का दूसरे नंबर का बेटा अली यहां पिछले साल जून से ही बंद है। अली के कई गुर्गे भी उसके साथ जेल में निरुद्ध हैं जिनमें मो. अमन, आरिफ उर्फ खचौली, सैफ माया, इमरान, फैसल, नियाज अहमद, राकेश उर्फ नाकेश, मो. सजर, अरशद कटरा, कैश अहमद व अन्य शामिल हैं। इसके अलावा उमेश पाल अपहरण कांड में अतीक के साथ दोषी करार दिए गए खान शौलत हनीफ व दिनेश पासी भी नैनी जेल में बंद हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से दोनों की जेल बदलने का अनुरोध डीएम से किया गया था। अनुमति मिलते ही उन्हें प्रतापगढ़ जेल भेज दिया गया। - रंगबहादुर, वरिष्ठ जेल अधीक्षक