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अतीक-अशरफ हत्याकांड: तीनों शूटरों को नैनी जेल से निकालकर प्रतापगढ़ किया गया शिफ्ट, इस वजह से लिया गया फैसला

Mon, 17 Apr 2023 04:33 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज

सार

शूटर सनी सिंह, लवलेश तिवारी व अरुण मौर्य 15 अप्रैल को घटना के तुरंत बाद मौके से ही पकड़ लिए गए थे। रविवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था जहां रिमांड मंजूर होने पर नैनी जेल भेज दिया गया था। जेल के भीतर उन्हें अलग बैरक में रखा गया था।
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लवलेश तिवारी, सनी सिंह व अरुण मौर्य। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अतीक अहमद व उसके भाई अशरफ की हत्या में गिरफ्तार तीनों शूटरों की जेल सोमवार को बदल दी गई। उन्हें कड़ी सुरक्षा के दोपहर में नैनी जेल से प्रतापगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया। करीब डेढ़ घंटे के सफर के बाद पुलिस उन्हें लेकर पहुंची और फिर उन्हें प्रतापगढ़ जेल में दाखिल करा दिया गया।

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शूटर सनी सिंह, लवलेश तिवारी व अरुण मौर्य 15 अप्रैल को घटना के तुरंत बाद मौके से ही पकड़ लिए गए थे। रविवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था जहां रिमांड मंजूर होने पर नैनी जेल भेज दिया गया था। जेल के भीतर उन्हें अलग बैरक में रखा गया था। इसके कुछ ही घंटों बाद जेल प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी को एक रिपोर्ट भेजी गई।

इसमें बताया गया कि सुरक्षा को देखते हुए अतीक-अशरफ हत्याकांड के तीनों आरोपियों को नैनी जेल में रखना उचित नहीं है। ऐसे में उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित किया जाना चाहिए। मंगलवार को डीएम की अनुमति मिलते ही कार्रवाई की गई। सुबह शूटरों का मेडिकल परीक्षण व कोराेना जांच कराई गई। दोपहर 2.20 बजे उन्हें जेल से रवाना कर दिया गया।

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बीच में प्रिजन वैन, आगे-पीछे दो एस्कॉर्ट वाहन
तीनों शूटरों को स्थानांतरित किए जाने के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। तीनों को प्रिजन वैन में बैठाया गया था जिसमें पुलिसकर्मियों की तैनाती थी। इसके अलावा प्रिजन वैन के आगे पीछे भी पुलिस दो वाहन एस्कॉर्ट करते रहे।
 
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अतीक के गुर्गों से था खतरा

सूत्रों का कहना है कि तीनों शूटरों की जान को नैनी जेल में बंद अतीक के गुर्गों से खतरा था। गौरतलब है कि अतीक का दूसरे नंबर का बेटा अली यहां पिछले साल जून से ही बंद है। अली के कई गुर्गे भी उसके साथ जेल में निरुद्ध हैं जिनमें मो. अमन, आरिफ उर्फ खचौली, सैफ माया, इमरान, फैसल, नियाज अहमद, राकेश उर्फ नाकेश, मो. सजर, अरशद कटरा, कैश अहमद व अन्य शामिल हैं। इसके अलावा उमेश पाल अपहरण कांड में अतीक के साथ दोषी करार दिए गए खान शौलत हनीफ व दिनेश पासी भी नैनी जेल में बंद हैं।

सुरक्षा की दृष्टि से दोनों की जेल बदलने का अनुरोध डीएम से किया गया था। अनुमति मिलते ही उन्हें प्रतापगढ़ जेल भेज दिया गया। - रंगबहादुर, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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