Prayagraj News : माफिया अतीक।
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ताउम्र दौलत के पीछे भागता-दौड़ता रहा लेकिन माफिया अतीक का भी हश्र वही हुआ और होना भी था, जो जिंदगी का आखिरी सच है। चार दशकों तक आतंक का पर्याय बना रहा करोड़ों के साम्राज्य का मालिक रहा अतीक भी दो गज जमीं में ही समा गया। कसारी मसारी स्थित कब्रिस्तान में अतीक और उसके भाई अशरफ के सुपुर्द-ए-खाक के वक्त चकिया में लोग कुछ इसी तरह की चर्चा करते सुने गए।
बता दें कि पांच बार के विधायक और एक बार के सांसद ने अपनी गुंडई के बल पर करोड़ों का साम्राज्य खड़ा किया। प्रयागराज से लेकर दिल्ली समेत तमाम शहरों में बेशकीमती संपत्तियां बनाईं। यहां तक कि अपने गुर्गों को भी करोड़ों की संपत्ति बनाने में मदद की। लेकिन शासन-प्रशासन के शिकंजा कसते ही देखते ही देखते यह साम्राज्य ताश के पत्तों के माफिक ढह गया।
दो दिन में तैयार की तीन कब्र
दोनों भाइयों के लिए कब्र खोदने वाले फैजी ने एक दिन पहले ही अतीक के बेेटे असद की कब्र तैयार की थी। उसने बताया कि उसके पिता ने अतीक की मां और उनके पिता हाजी फिरोज की कब्र तैयार की थी। रविवार को उसने सुबह सात बजे से ही कब्र खोदने का काम शुरू कर दिया था। जो शाम छह बजे के करीब पूरा हो सका। उसने बताया कि दोनों भाइयों की कब्र सात फीट लंबी और चार फीट चौड़ी है। जबकि इसकी गहराई सात फीट रखी गई है।