श्री बलराम शैक्षिक एवं समाज सुधार समिति का चुनाव कराए जाने के विरोध में एक पक्ष के लोगों ने सहायक निबंधक का घेराव किया। तनाव बढ़ने पर वहां शिवकुटी समेत तीन थानों की फोर्स बुला ली गई। इसके बाद चुनाव की प्रक्रिया पूरी की गई। सहायक निबंधक कार्यालय में विरोध करने वाले पक्ष की आपत्ति भी दर्ज की गई।
मेजा की इस संस्था में सदस्यता को लेकर पूर्व आईपीएस तथा उनकी पत्नी के बीच विवाद है। इसे लेकर मामला फर्म सोसाइटीज एवं चिट्स के पास पहुंचा था। सहायक निबंधक की ओर से पिछले महीने फैसला सुनाया गया था जिसके तहत आठ सदस्य वैध पाए गए। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग संस्थापक सदस्य हैं।
इसी क्रम में मेंहदौरी कॉलोनी स्थित फर्म सोसाइटीज एवं चिट्स कार्यालय में चुनाव शुरू हुआ लेकिन दूसरे पक्ष ने विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने सहायक निबंधक कौशलेंद्र सिंह को बंधक भी बना लिया और करीब एक घंटे तक विरोध चलता रहा।
विरोध बढ़ने पर फोर्स बुलाई गई। इसके बाद चुनाव हुआ। आठ में से पांच सदस्य वहां मौजूद रहे। इनमें से डॉ.अरविंद विक्रम सिंह अध्यक्ष, इंद्रेश पांडेय, उपाध्यक्ष, निर्मला सिंह सचिव, विजय बहादुर सिंह एवं शारदा सिंह सदस्य चुने गए।
अवैध तरीके से चुनाव कराने का आरोप, सीएम पोर्टल पर शिकायत
- श्री बलराम शैक्षिक एवं समाज सुधार समिति के प्रबंध समिति के चुनाव को गैर कानूनी एवं अवैध बताते हुए मुख्यमंत्री तथा अन्य संबंधित मंत्रियों के पोर्टल पर शिकायत की गई है। खुद को सचिव बताने वाली उमा सिंह ने चिट फंड के सहायक निबंधक पर पक्षपात का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि मृतकों को भी इस प्रक्रिया में दर्शाया गया है। उन्होंने अन्य सदस्य की जगह दूसरे को लाकर बैठाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने की मांग की है।