प्रयागराज एयरपोर्ट से विमानों की आवाजाही सुबह छह से रात दस बजे तक का मुद्दा वायुसेना मुख्यालय पहुंच गया है। प्रयागराज में अगले वर्ष लगने वाले महाकुंभ को देखते हुए प्रयागराज एयरपोर्ट प्रशासन ने आग्रह किया है कि देश के तमाम शहरों को संगमनगरी से जोड़ने के लिए ज्यादा विमानों के संचालन की जरूरत है। यह तभी संभव होगा, जब वायुसेना इसकी अनुमति दे। महाकुंभ को देखते हुए वायुसेना इस संंबंध में जल्द निर्णय ले सकती है।
प्रयागराज एयरपोर्ट पर अभी सुबह नौ से शाम छह बजे तक ही विमानों की आवाजाही है। अभी यहां से इंडिगो की दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, भुवनेश्वर, भोपाल, देहरादून, लखनऊ, एलाइंस एयर की बिलासपुर और दिल्ली उड़ान ही संचालित है। अगले माह अकासा एयर यहां से दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू की उड़ान शुरू करने जा रही है। महाकुंभ तक यहां से जयपुर, जम्मू, हैदराबाद, चेन्नई, नागपुर, इंदौर, गुवाहाटी, अहमदाबाद, पटना, कोलकाता आदि शहरों के लिए भी उड़ान शुरू होनी है। यह तभी संभव होगा, जब रात में भी यहां विमान संचालन सुचारू हो। इसके लिए प्रयागराज एयरपोर्ट प्रशासन ने वायुसेना मुख्यालय को पत्र भेजा है।
वायुसेना के पास ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल की कमान
प्रयागराज एयरपोर्ट का एयर ट्रैफिक कंट्रोल वायुसेना के ही पास है। इसी वजह से यहां से वायुसेना की अनुमति के बिना कोई भी विमानन कंपनी अपनी सेवा शुरू नहीं कर सकती है। नागर विमानन निदेशालय से स्लॉट मिलने के बाद भी वायुसेना की अनुमति जरूरी है। प्रयागराज एयरपोर्ट के कार्यवाहक निदेशक राजेश कुमार का कहना है कि दिल्ली स्थित वायुसेना मुख्यालय से आग्रह किया गया है कि यहां सुबह छह से रात दस बजे तक विमान संचालन की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि देश में पुणे समेत कुछ एयरपोर्ट ऐसे हैं, जहां वायुसेना ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल नियंत्रित करती है। पुणे आदि शहरों में विमानों की आवाजाही 24 घंटे की है।